पोस्टमार्टम के बाद बिजली विभाग के संविदा कर्मी घनेंद्र का शव उसके गांव अल्लापुर भोगी पहुंचा तो गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। अच्छे व्यवहार की वजह से घनेंद्र के शव को देखने के लिए आसपास इलाके के लोग भी पहुंचे। दोपहर बाद कछला गंगाघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। घनेंद्र की मौत शुक्रवार को एपीएम डिग्री कॉलेज के पीछे एक नलकूप की लाइन ठीक करते वक्त करंट लगने से हो गई थी। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने बरेली-मथुरा हाईवे स्थित बाईपास पर जाम लगाकर विभाग के अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था।
इस बीच, मृतक के भाई तेजराम ने घटना में लाइनमैन सोहनपाल की भूमिका को संदिग्ध ठहराते हुए पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से शिकायत की। पुलिस ने तेजराम की तहरीर पर लाइनमैन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लाइनमैन की नामजदगी से बिजली विभाग के स्थानीय कर्मचारी आहत नजर आए। उनका कहना है कि लाइनमैन तो घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंचा था। इधर, मृतक के परिजनों की आर्थिक स्थिति खराब बताते हुए अल्लापुर भोगी, अब्दुल्लागंज और बरामलदेव के वाशिंदे आश्रितों को मुआवजा दिलाने की पैरोकारी में जुट गए हैं।
लाइन चालू करने नहीं पहुंचे कर्मचारी
उझानी। संविदा कर्मी घनेंद्र की मौत के बाद गुस्साई भीड़ ने शुक्रवार शाम को उपकेंद्र पर जिस तरह से हंगामा किया, उसका खौफ घंटों तक कर्मचारियों में नजर आया। सप्लाई का सिस्टम ऑन करने के लिए भी देर रात तक कोई कर्मचारी उपकेंद्र पर नहीं पहुंचा। इसके चलते रात में आठ की बजाय करीब नौ बजे उपभोक्ताओं को सप्लाई मिली। कुछ कर्मचारियों ने उपकेंद्र पर जाने के लिए भी हाथ खड़े कर दिए थे।
एसडीओ बोले, विद्युत सुरक्षा निदेशालय कराएगा जांच
उझानी। संविदा कर्मी घनेंद्र की मौत लाइनमैन की लापरवाही से हुई है या फिर महज इत्तेफाकन हादसा था, इसकी सच्चाई का पता तो जांच के बाद ही लगेगा। एसडीओ छैल बिहारी लाल ने बताया कि उन्हें जो जानकारी मिली है उसके तहत लाइनमैन सोहनलाल मौके पर नहीं था। घनेंद्र अकेला ही तार ठीक करने गया था। वास्तविकता का पता लगवाने के लिए वह एक-दो दिन में विद्युत सुरक्षा निदेशालय को पत्र भेजेंगे। निदेशालय के अवर अभियंता स्तर के अफसर से पूरे घटनाक्रम की जांच कराएगा। जांच में मृतक के घरवालों, घटनास्थल के आसपास के लोगों, आरोपी लाइनमैन के बयान दर्ज होंगे। उसके बाद ही निष्कर्ष निकलेगा।
झूलते तारों से काश्तकारों को हादसे की आशंका
उझानी। बिजली उपकेंद्र से जुड़ी खासकर देहात क्षेत्र की लाइनें ढीली होकर नीचे की ओर खेतों में झूलने लगी हैं। बरामालदेव, अब्दुल्लागंज, सरौरा, संजरपुर और मिहौना के आसपास तो तार जर्जर हालत में नजर आते हैं। ग्रामीण राजपाल ने बताया कि एपीएम कॉलेज के पिछवाड़े जहां शुक्रवार को हादसा हुआ, उस इलाके में तो दो-तीन खेतों में ट्रैक्टर जुताई करते वक्त भी तार छू जाने का डर लगता है। बता दें कि सरौरा में तार टूटने से छह साल में दो किसानों की मौत भी हो चुकी है।