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महिला के बयान से मिली पूर्व सैनिक को क्लीन चिट

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पूर्व सैनिक को दुष्कर्म में नामजद कराने वाली महिला से जुड़े घटनाक्रम के मामले में धीरे-धीरे सबकुछ सामान्य हो गया। कथति पीड़िता ने पुलिस के सामने रेप की बात नकार जहां मारपीट तक बात सीमित रखी। 164 का बयान दर्ज कराके उसने मारपीट से यह कहकर इंकार कर दिया कि मामला तो काम करने के रूपये नहीं देने का था। इसी के साथ पुलसि ने पूर्व सैनिक को क्लीनचिट दे दी है।
नाटकीय ढंग से सुलझे रेप से जुड़े मामले में कथित पीड़िता के 164 के बयान के बाद कोतवाली पुलिस ने पूर्व सैनिक राजपाल को हिरासतमुक्त कर दिया है। महिला ने मजिस्ट्रेट के सामने स्पष्ट कर दिया कि उसके साथ कुछ भी तो नहीं हुआ। रेप में उसने पूर्व सैनिक को महज इसलिए नामजद करा दिया था कि आरोपी ने उसे घर में काम कराने के रुपये नहीं दिए थे। विवेचक एके सिंह की मानें तो महिला ने शुरूआत में ही बयान बदलने शुरू कर दिए थे। कोतवाली में 161 के बयान में उसने कहा था कि रेप नहीं हुआ बल्कि पूर्वॎ सैनिक ने मारपीट की थी।
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बता दें कि 29 जुलाई को महिला ने पूर्व सैनिक पर घर में बंधक बनाकर रेप का आरोप लगाते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नाटकीय अंदाज में सुलझे विवाद के पीछे चर्चाओं पर गौर करें तो घटना के अगले दिन ही पूर्व सैनिक ने अपने खाते से एक लाख रुपया से अधिक रुपया निकाला था। जिस वक्त रुपया निकाला गया, तब वह पुलिस की हिरासत में था। इधर, क्लीनचिट मिलते ही पूर्व सैनिक और पैरोकारों ने भी राहत की सांस ली है। पूर्व सैनिक के पक्ष में उसके पैरोकारों में एक प्रधान ने अहम भूमिका निभाई।
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...पर मानहानि की भरपाई मुश्किल
उझानी। महिला द्वारा पूर्व सैनिक के पक्ष में बयान देकर भले ही बेदाग साबित करा दिया, लेकिन नामजदगी के बाद उसे कोतवाली पुलिस की हिरासत में भी रहना पड़ा। नाते-रिश्तेदारों समेत परिचित लोगों के बीच के उसके प्रति सम्मान को भी ठेस जरुर पहुंची होगी। नामजदगी के साथ हुई मानहानि पर पूर्व सैनिक ने चुप्पी साध रखी है।
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