दबतोरी में निकाली गई शिव बरात
दबतोरी। ग्राम ललुआनगला के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य ओमपाल सिंह ने शिव मंदिर में मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा कराई। काशी के विद्वानों ने विधिविधान से स्थापना की। इसके बाद क्षेत्र में शिव बरात निकाली गई। इसमें बैंडबाजे की धुन पर शिव भक्तों ने जमकर नृत्य किया और अबीर गुलाल लगाया। शिव बरात में दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाया। संवाद
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मंदिर में देव प्रतिष्ठा कराई, थिरके भक्त
बदायूं। श्री शिव दुर्गा मंदिर गोरक्षधाम दुर्गा बस्ती लालपुल में श्री गणेश, श्री राम दरबार और मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना बृहस्पतिवार को कराई गई। बैंडबाजों के साथ महिला-पुरुषों ने शोभायात्रा निकाली और जमकर थिरके।
मंत्र उच्चारण के बाद प्रतिमाओं को यथास्थान विराजमान किया गया। स्थापना दिवस पर महिलाओं ने गुलाल के साथ होली खेली। भक्तों ने भगवान के दर्शन किए व प्रसाद ग्रहण किया। इनमें प्रभुदयाल साहू, अमर सिंह, अजय साहू ने सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया। अध्यक्ष अजय माथुरिया, वेद प्रकाश साहू, सुनील गुप्ता, मनोज साहू, अनिल साहू, सोहनपाल, अंकित, गौरव, दिपांशू, तोषेंद्र, कौशल आदि मौजूद रहे। संवाद
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बालाजी दरबार में रामकथा का समापन
बदायूं। संकट मोचन बाला जी दरबार में चल रही संगीतमय श्रीराम कथा का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। शुक्रवार को यज्ञ हवन किया जाएगा। 16 अप्रैल को हनुमान जयंती महोत्सव मनाया जाएगा।
कथा व्यास पंडित दिनेश मोहन शास्त्री ने केवट संवाद सुनाया। उन्होंने बताया कि अयोध्या में भगवान राम के राजतिलक की तैयारी चल रही थी, खुशी की लहर थी। वहीं भगवान को वनवास की सूचना सुनकर शोक का वातावरण छा गया। पिता की आज्ञा मानकर श्री राम, सीताजी व लक्ष्मण के साथ वन यात्रा को चले तो केवट से भेंट हुई। केवट ने भगवान को पहचान लिया और उसका उद्धार हो गया। महंत रविकांत उपाध्याय ने बताया कि भक्त सच्चा और सरल होना चाहिए, भगवान अपने भक्तों का खुद ही कल्याण करते हैं। संवाद
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