बदायूं। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और पालतू कुत्तों के रिकॉर्ड की कमी को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन अब बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत पालिका कर्मचारी घर-घर जाकर कुत्तों की गिनती करेंगे। अभियान के दौरान पालतू कुत्तों का नगर पालिका में पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना अनिवार्य होगा।
नगर पालिका प्रशासन की ओर से इसको लेकर कर्मचारियों की विशेष टीम बनाई गई है, जो घर-घर जाकर सर्वे करेगी। इस दौरान पालतू और आवारा दोनों तरह के कुत्तों की गिनती की जाएगी। पालतू कुत्तों के मालिकों को उनके कुत्ते की नस्ल, उम्र, वैक्सीनेशन और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
इन विवरणों को दर्ज कराने के बाद नगर पालिका द्वारा रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि लोग कर्मचारियों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि रिकॉर्ड तैयार करने में कर्मचारियों को दिक्कत न हो। अभियान पूरा होने के बाद शहर के पालतू और आवारा कुत्तों का स्पष्ट आंकड़ा नगर पालिका के पास होगा। इसी आधार पर आगे की योजना और कार्रवाई की जाएगी।
रजिस्ट्रेशन न कराने पर पड़ेगा जुर्माना
पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन कराना सभी लोगों के लिए अनिवार्य होगा। जो लोग बिना रजिस्ट्रेशन कुत्ते पालते पाए जाएंगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि शहर में पालतू कुत्तों से जुड़ी पूरी जानकारी रिकॉर्ड में रहे और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
आवारा कुत्तों की समस्या पर होगा नियंत्रण
अभियान के दौरान आवारा कुत्तों का भी पूरा ब्योरा तैयार किया जाएगा। पिछले कुछ समय से शहर में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते लोगों को आए दिन परेशानी झेलनी पड़ती है। कहीं सड़कों पर झुंड में घूमते कुत्ते लोगों पर हमला कर देते हैं, तो कहीं सड़क हादसे भी हो जाते हैं। इस समस्या पर नियंत्रण पाने और टीकाकरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पालिका यह विस्तृत सर्वे कर रही है। ताकि आवारा कुत्तों को वैक्सीन लगाई जा सकेे।
9 माह में 30 हजार से अधिक लोग हुए कुत्तों का शिकार
नगर निकायों की लापरवाही और अव्यवस्था का खामियाजा जिले की जनता को भुगतना पड़ रहा है। शहर से लेकर गांव तक आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोग घर से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। हालात यह हैं कि पिछले 9 महीनों में जिले में 30 हजार से अधिक लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे हैं।
स्वास्थ्य विभाग का केंद्रों पर एंटी रैबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में होने का दावा
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिला अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रैबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि किसी भी मरीज को अब तक दवा के अभाव में लौटना नहीं पड़ा है। बावजूद इसके, ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग कई बार समय पर इंजेक्शन न मिलने की शिकायत करते हैं।
शहर में पालतू और आवारा कुत्तों की गिनती कराई जाएगी। जिसमें पालतू कुत्तों की पूरी जानकारी लेने के बाद उनका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा । वहीं आवारा कुत्ताें को वैक्सीन लगाई जाएगी। - विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ