बदायूं। स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। मंगलवार को इसके लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें स्कूली वाहनों की तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा विकसित इंट्रीग्रेटेड स्कूल वाहन मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से अब स्कूली वाहनों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इसके तहत 1 से 15 अप्रैल तक पूरे जनपद में विशेष तकनीकी जांच अभियान चलाया जा रहा है, इसमें सभी स्कूल वाहनों की गहन जांच की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक नगर विजयेंद्र द्विवेदी ने कहा कि वाहन स्वामी अपने वाहनों को तकनीकी रूप से फिट रखें और समय-समय पर उनकी जांच कराते रहें।
एआरटीओ हरिओम ने बताया कि सभी विद्यालयों को अपने यहां संचालित वाहनों का पूर्ण विवरण, आवश्यक दस्तावेज तथा चालकों के चरित्र प्रमाणपत्र इंट्रीग्रेटेड स्कूल वाहन मॉनिटरिंग पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। इसके बाद ही परिवहन विभाग द्वारा पोर्टल पर दर्ज वाहनों की तकनीकी जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जिन वाहनों की आयु 15 वर्ष से अधिक हो चुकी है या जो स्कूली वाहन मानकों को पूरा नहीं करते, उनके पंजीयन और परमिट तत्काल निरस्त किए जाएंगे। इस कदम से असुरक्षित वाहनों को सड़कों से हटाकर बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।