जिलाधिकारी शंभूनाथ ने कहा कि समाज में गुरु का बहुत बड़ा स्थान होता है। वह राष्ट्र का निर्माता कहा जाता है और समाज का दर्पण भी, लेकिन गुरुजनों को आज इस पर चिंता और मनन करने की आवश्यकता है कि विद्यालयों में बच्चों की संख्या दिन प्रतिदिन क्यों घट रही है। शिक्षक अपने सम्मान और महत्वता पर विचार करते हुए अपनी सार्थकता सिद्ध करें और शिक्षण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें।
डीएम ने यह बात शुक्रवार को ब्लाक जगत में बीआरसी पर आयोजित शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन गोष्ठी और सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान समारोह में कही। बोले, समाज में गुरुजनों का बहुत ही आदर और सम्मान होता है, इसलिए उनका दायित्व है कि वह शिक्षण कार्य पर विशेष ध्यान दें। शिक्षकों के सम्मान के संबंध में जब सवाल खड़े होते हैं, तो उनको सहजता से विश्वास नहीं होता कि एक विशेष सम्मानीय व्यक्ति भी अपने दायित्वों से हटकर ऐसा कर सकते हैं।
एसडीएम सदर प्रदीप कुमार यादव ने कहा कि यदि किसी बच्चे को आरटीई के तहत उसका अधिकार न मिले तो यह उसके मूल अधिकारों का हनन होगा। शहर के बच्चों के सापेक्ष ग्रामीण अंचलों के बच्चों में शिक्षा की गुणवत्ता की कमी के कारण बच्चे को उसके पूर्ण अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं। इस पर शिक्षकों को विचार करने की आवश्यकता है। बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने का काम करता है, जब उसकी ओर उंगलियां उठती हैं तो बहुत दुख होता है। इसलिए शिक्षकों को आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है। शिक्षक देर से आने और जल्दी जाने के रवैये को बंद करें। उन्होंने बताया शिक्षकों की समस्याओं के लिए बीएसए कार्यालय में हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई है। किसी शिक्षक को कोई समस्या है, तो वह स्कूल छोड़कर मुख्यालय की दौड़ न लगाएं, घर बैठे शिकायत दर्ज कराएं। शिकायतों का प्राथमिकता पर समाधान किया जाएगा। खंड शिक्षाधिकारी सोमनाथ विश्वकर्मा ने ब्लाक की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडेय, जिलाध्यक्ष चंद्रकेश यादव, ब्लाक अध्यक्ष सीमा यादव, वरिष्ठ एबीआरसी राधेलाल, डॉ. पंकज शर्मा, सुभाषचंद्र आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व बीईओ सोमनाथ विश्वकर्मा, सीमा यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आफाक अहमद, पंकज कुमार, महीपाल सिंह आदि ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि का माल्यार्पण कर स्वागत किया। साथ ही प्रतीक चिन्ह प्रदान किए। समारोह में ब्लाक अंबियापुर के अध्यक्ष सुशील चौधरी, शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्भान सिंह यादव, आफाक अहमद,मुफीद आलम, गीता सिंह, संगीता रस्तोगी, संगीता शर्मा, नमिता राठौर,संजीव सिंह, श्वेता, सपना, ललितेश, प्रतिभा, राजवीर सिंह, मोरध्वज, राजीव कुमार, अवधेश पांडेय आदि भारी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। संचालन राधेलाल, सुभाष चंद्र ने किया।
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इन सेवानिवृत्त शिक्षकों को किया गया सम्मानित
देशपाल वर्मा, टोड़ीराम, सोहनपाल, राजेश्वर गुप्ता, रामकुमार शर्मा, सुभाष चंद्र, प्रताप सिंह, शारदादेवी, रामसिंह, रामबाबू, नेकराम, वीरेंद्र मोहन, तिलक सिंह आदि सेवानिवृत्त शिक्षकों का शाल उढ़ाकर तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।