गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार माने गए पीठासीन अधिकारी मो. फीरोज को निलंबित कर दिया गया था। डीएम के आदेश पर मतदान अधिकारी प्रथम भूपेंद्र पाल और मतदान अधकारी द्वितीय संतोष कुमारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। यही नहीं डीएम ने एआरओ/ जेई आरईएस अमर सिंह और सेक्टर मजिस्ट्रेट/ राजकीय डिग्री कॉलेज बदायूं के प्रोफेसर डॉ. दिनेश कुमार की जवाबदेही तय कर दी है।
यहां बता दें कि म्याऊं ब्लाक के बूथ संख्या 31 सामुदायिक विकास केंद्र गूरा बरेला में त्रुटिवश जिला पंचायत के मतपत्र बदल गए। 41 रिजोला के जिला पंचायत के मतपत्र 42 चंगासी के बीच जिला पंचायत के मतपत्र आपस में बदल गए। इस गड़बड़ी में 112 मत पड़ जाने के बाद स्थिति पता लगी। आरओ की रिपोर्ट पर जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी शंभूनाथ ने इसे गंभीर मानते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से इस बूथ पर पुनर्मतदान की संस्तुति कर दी थी। आयोग ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। इस बूथ पर तैनात पोलिंग पार्टी को गलती के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।