अब गांव गांव का हरिया का कान्वेंट स्कूल में पढ़ने का सपना पूरा हो सकेगा। वह भी फर्राटेदार अंग्रेजी में बात करने के साथ ही अंग्रेजी की किताबों से पढ़ सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों में रहने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं का सपना आगामी शैक्षिक सत्र से पूरा होता नजर आ रहा है। ऐसा इसलिए है कि जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से बनवाए जा रहे तीन मॉडल स्कूलों में आगामी शैक्षिक सत्र से पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) पर आधारित तीन मॉडल स्कूलों का संचालन जिले में होना था। ये मॉडल स्कूल अर्सिस बर्खिन, चौढ़ेरा और नागपुर नूरपुर में बनवाए जा रहे हैं। इसमें नागपुर नूरपुर का मॉडल स्कूल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जो जल्द ही हैंडओवर किया जाने वाला है। शेष दोनों स्कूलों के भवन का निर्माण कार्य जारी है, जो मार्च से पहले पूरा होकर हैंडओवर होने की उम्मीद है। इन तीन मॉडल स्कूलों का संचालन सीबीएसई बोर्ड से किया जाएगा।
मॉडल स्कूलों में कक्षा छह से लेकर इंटरमीडिएट तक कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इसमें प्रत्येक कक्षा में 60 छात्र-छात्राओं का एडमिशन किया जाएगा। इस हिसाब से एक स्कूल में 420 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर सकेंगे। इन स्कूलों के संचालित होने से गरीब तबके के लोग भी छात्र-छात्राओं को कान्वेंट स्कूलों में पढ़ा सकेंगे।
डीआईओएस वीना यादव ने बताया कि मॉडल स्कूल नागपुर नूरपुर के भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जो जल्द ही विभाग को हैंडओवर हो जाएगा। अन्य दो स्कूलों का निर्माण कार्य चल रहा है। मॉडल स्कूलों के संचालन के संबंध में कोई भी दिशा निर्देश हाल में प्राप्त नहीं हुए हैं। शासन स्तर से कोई निर्देश मिलने के बाद ही इस मामले में कुछ भी स्पष्ट कहा जा सकता है। इस में अभी से कुछ कहना जल्दबाजी होगी।