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पूर्व विधायक के पिता के नाम पर खोले डिग्री कॉलेज की आरसी कटी

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बदायूं। दातागंज से बसपा विधायक रहते सिनोद शाक्य के पिता के नाम पर जिस महिला डिग्री कॉलेज का तेरह साल पहले शिलान्यास किया गया, उसका निर्माण कराने के नाम पर केवल दीवारें ही उठाई जा सकीं। अब उच्च शिक्षा विभाग ने इसका संज्ञान लेकर आरसी काट दी है। तहसील प्रशासन को ब्याज समेत रकम की वसूली करनी है। पूर्व विधायक इसे रिश्तेदारों का मामला बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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दातागंज में गनगोला रोड पर वर्ष 2008 में बसपा शासनकाल में सिनोद शाक्य विधायक थे। तब शासन ने योजना चलाई थी कि असेवित क्षेत्र में डिग्री कॉलेज खोलने के लिए पात्र लोगों को तीस लाख रुपये दिए जाएंगे। शर्त थी कि तय शर्तों के साथ प्राथमिकता से डिग्री कॉलेज बनवाना पड़ेगा। तब विधायक के पिता के नाम से रामेश्वर दयाल मेमोरियल महिला डिग्री कॉलेज को यहां स्वीकृति मिल गई। इस कॉलेज के नाम पर सरकार से 30 लाख रुपये अनुदान भी प्राप्त कर लिया गया। निर्माण के नाम पर केवल कुछ दीवारें खड़ी कर ली गईं पर महिला डिग्री कॉलेज की स्थापना नहीं की गई। अब विधायक की रिश्तेदार महिला व कॉलेज की प्रबंधक अनुपमा मौर्य के नाम 30 लाख रुपये की वसूली के लिए आरसी जारी हो गई है।
सिनोद शाक्य अब सपा में शामिल हो चुके हैं। उनकी पत्नी कुछ समय पहले सपा के टिकट पर जिपं अध्यक्ष का चुनाव लड़ीं और कुछ ही वोटों से हार गईं। सिनोद भी सपा में रहकर राजनीतिक जमीन तलाश कर रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग के नियम के मुताबिक अनुदान राशि प्राप्त करने के तीन वर्ष के दौरान कॉलेज में कक्षाएं शुरू होनी चाहिए।
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- पूर्व विधायक सिनोद शाक्य के पिता के नाम पर महिला डिग्री कॉलेज को वर्ष 2008 में स्वीकृति दी गई थी। इस लिहाज से करीब तीस लाख की धनराशि कॉलेज प्रबंधन को दी गई पर न तो रकम जमा हुई और न कॉलेज निर्माण हो सका। प्रबंधन की ओर से एक बार धनराशि लौटाने का पत्र आया था पर इसका ब्याज भी नियमानुसार वसूल किया जाना है। अब आरसी जारी की जा चुकी है।- प्रोफेसर डॉ. संध्या रानी, उच्च शिक्षा अधिकारी, बरेली
- यह डिग्री कॉलेज मेरे पिता के नाम पर जरूर है पर इससे मेरा सीधा मतलब नहीं है। कुछ परिचित लोग हैं जिन्होंने इसके लिए आवेदन किया था। हाईटेंशन लाइन जैसी कुछ तकनीकी वजहों से कॉलेज का निर्माण नहीं हो सका। बाकी जानकारी कॉलज प्रबंधन से जुड़े लोग ही दे सकते हैं। - सिनोद शाक्य, पूर्व विधायक दातागंज
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