बदायूं। करीब तीन माह पहले चार वर्षीय बालिका से दुष्कर्म करने के मुजरिम को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट रमा शंकर सिंह ने दोषी करार देते हुए 25 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 60 हजार रुपये जुर्माना भी डाला।
थाना हजरतपुर क्षेत्र के एक गांव में तीन माह पहले चार वर्षीय बालिका से दुष्कर्म का मामला सामने आया था। वहां के एक व्यक्ति ने 28 अक्तूबर 2019 को हजरतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक दीपावली की शाम वादी की चार वर्षीय बेटी घर के बाहर फुलझड़ी जला रही थी। तभी शाम के करीब सात बजे उनकी बेटी को थाना हजरतपुर के चकवा गांव निवासी अमरपाल पुत्र हरद्वारी बुरी नीयत से उठाकर पास के खेत में ले गया और दुष्कर्म किया। उसके चंगुल से छूटने के बाद वादी की बेटी रोती हुई घर पहुंची। बच्ची ने रोते हुए माता-पिता को वारदात की जानकारी दी। वादी ने दरिंदे अमरपाल के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अमरपाल को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा और उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट रमा शंकर सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मदनलाल राजपूत और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद दरिंदे अमरपाल को मुजरिम करार दिया। स्पेशल जज ने अमरपाल को पॉक्सो एक्ट में 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।