बदायूं। दुष्कर्म के आठ साल पुराने मामले में दोषी को विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने 10 साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अलापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने 16 सितंबर 2016 को तहरीर दी थी। बताया था कि उसकी 18 वर्षीय बेटी शाम सात बजे जंगल में शौच के लिए गई थी। जंगल में गांव निवासी नन्हें पुत्र आशाराम, भोला पुत्र वीरेंद्र यादव उर्फ मुखिया ने बेटी के साथ छेड़छाड़ की। युवती की चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के ही अवधेश व सुनील मौके पर पहुंच गए। दोनों को आते देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गए।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर युवती का मेडिकल परीक्षण कराया और कोर्ट में बयान दर्ज कराए। युवती ने नन्हें द्वारा दुष्कर्म करने की बात अपने बयानों में कहीं। इसके बाद पुलिस ने छेड़छाड़ के मामले को दुष्कर्म में तरमीम कर लिया। विवेचना सीओ प्रकाश कुमार ने की। विवेचक ने घटना के सभी साक्ष्य संकलन करते हुए आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। इंस्पेक्टर अलापुर ने विचाराधीन इस मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन में चिह्नित कराया। न्यायाधीश ने अभियोजक पक्ष के विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह वर्मा व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद सजा सुनाई। वहीं भोला को नाबालिग मानते हुए पत्रावली किशोर न्यायालय में भेजी गई है।