सावन के चौथे सोमवार को आज होगा शिवालयों में जलाभिषेक
सावन के चौथे सोमवार से एक दिन पहले रविवार को कांवड़ियों का सैलाब उमड़ा। कछला से लेकर बदायूं तक पूरा बरेली-मथुरा हाईवे तिरंगे के साथ भगवान रंग में रंगा हुआ नजर आया। भक्ति के गीतों पर थिरकते हुए कांवड़िया अपने-अपने शिवालयों में देर रात तक पहुंचते रहे। इस दौरान कई स्थानों पर जाम के हालात भी बने। महिलाओं और बच्चों में भी कांवड़ को लेकर काफी उत्साह दिखा। हाईवे पर दिन भर जय भोले की और हर-हर महादेव के नारे गूंजते रहे।
सावन के महीने में यूं तो कछला गंगा घाट पर रोज ही कांवड़िये गंगाजल भरने के लिए पहुंचते हैं। पड़ोसी जिलों बरेली और पीलीभीत के कांवड़ियों का गुरुवार से ही आना-जाना शुरू हो जाता है। रविवार के दिन ज्यादातर कांवड़िये जिले के ही होते हैं। रविवार को कछला गंगा घाट पर कांवड़ियों का सैलाब से उमड़ा पड़ा। जल भरने के बाद देर रात तक कांवड़िये बदायूं पहुंचते रहे। सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा। सावन के चौथे सोमवार पर जलाभिषेक को लेकर प्रसिद्ध बिरुआवाड़ी, गौरी शंकर देवालय, पटना देवकली, हर प्रसाद आदि मंदिरों में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
इस वजह से उमड़े कांवड़िये
बदायूं। सावन का अंतिम सोमवार सात अगस्त को है। इसी दिन रक्षाबंधन भी है। ऐसे में सावन के चौथे सोमवार को ही शिवालयों में जलाभिषेक शिवभक्तों ने ठीक समझा। आमतौर पर सावन के अंतिम सोमवार को सबसे ज्यादा संख्या में कांवड़िये शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। सावन के अंतिम सोमवार को रक्षाबंधन होने की वजह से चौथे सोमवार को ज्यादा लोग गंगाजल लेने कछला घाट पहुंचे।
छतुइया फाटक पर घंटों लगा रहा जाम
बदायूं। बदायूं-कछला रोड पर बीच में पडने वाले छतुइया रेलवे क्रासिंग पर घंटों जाम के हालात बने रहे। पुलिस ने बमुश्किल जाम खुलवाया। इसके बाद भी यहां बार-बार जाम लगता रहा। रूट डायवर्जन होने के बावजूद जाम की वजह से कांवड़ियों के साथ पुलिस को भी परेशान होना पड़ा। शहर में भी लालपुल, खेड़ा नवादा समेत कई स्थानों पर कांवड़ियों के सैलाब की वजह से बार-बार जाम के हालात बनते रहे।