बदायूं क्लब में सात दिवसीय श्री शिव कथा का दूसरा दिन
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से बदायूं क्लब में चल रही सात दिवसीय श्री शिव कथा के दूसरे दिन रविवार को आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सौम्या भारती ने कहा कि भगवान शिव लोक कल्याण चाहते हैं। उन्होंने लोक कल्याण के लिए ही विष का पान किया था। अगर आप महान बनना चाहते हैं तो त्याग की भावना रखनी होगी।
उन्होंने कहा कि आज समाज पतन की ओर जा रहा है। मानव समाज आज सत्य, न्याय और धर्म की परिभाषा को भूल गया है। हमारे स्वार्थ की वजह से ही कभी सोने की चिड़िया कहलाने वाला भारत आज काफी पिछड़ गया है। धर्म ने सभी को विशाल दृष्टिकोण दिया है, लेकिन हमारी ही सोच संकीर्ण हो गई है। हमारे सभी धार्मिक शास्त्रों के अनुसार धर्म एक है तो आदि काल से चलता आ रहा है। वह कहीं बाहर नहीं बल्कि हम सभी के भीतर है। ईश्वर को अपने अंत:करण से देख लेना ही धर्म है। अपने मूल परमात्मा से जुड़ना ही धर्म है। जब जीवन में गुरु का सानिध्य मिलता है तो ज्ञान की प्राप्ति होती है। इससे ईश्वर का दर्शन होता है। श्री शिव कथा में दूसरे दिन भी काफी संख्या में श्रोता पहुंचे। इस मौके पर सीडीओ शेषमणि त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव, सांसद प्रतिनिधि अवधेश यादव, डॉ. अक्षत अशेष, हरप्रसाद सिंह पटेल, विनोद कुमार गुप्ता, सतीश चंद्र मिश्रा, अनिल कुमार शर्मा, नरेश चंद्र शंखधार, केएस गुप्ता आदि मौजूद रहे।
‘बनावटी होता है पदार्थों से मिलने वाला सुख’
रुदायन। नगर स्थित ज्वाला देवी मंदिर पर चल रही शिव महापुराण कथा में कथा व्यास मुकेशाचार्य ने कहा कि जब मन की संगति के कारण आत्मा का प्रकाश धुंधला पड़ जाता है तो हमें ऐसा लगता कि दुनिया की शक्लें और पदार्थ स्थायी हैं और हमें इन्हीं से सच्चा सुख मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सत्य के बारे में अपनी गलत धारणा के कारण हम भ्रम में पड़ जाते हैं और समझ नहीं पाते कि संसार की शक्लों, पदार्थों और घटनाओं से मिलने वाला सुख वास्तव में बनावटी है और थोड़ी देर रहने वाला है। हम जान ही नहीं पाते कि इस नाशवान संसार की वस्तुओं से हमारा लगाव और इनके पीछे हमारी भागदौड़ आज नहीं तो कल, निराशा और दु:ख का ही कारण बनेगी और साथ ही हमारे कर्मों का बोझ भी बढ़ा देगी। इंद्रियों के आकर्षण में फंसकर हम ऐसे कर्म करते रहते हैं जो इस भौतिक जगत हमारे पुनर्जन्म का कारण बनते हैं। मंदिर महंत मुनीश पुजारी ने बताया कि कथा का समापन सोमवार को होगा और भंडारे का आयोजन मंगलवार को किया जाएगा। इस दौरान किशन लाल गुप्ता, रेखा सक्सेना, मृदुला, सूरज गुप्ता, संजीव गुप्ता आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।