उझानी में श्रीराम कथा में आरती में शामिल विधायक समेत भक्त। स्रोत आयोजक
उझानी। सत्योदय शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के मैदान में चल रही श्रीराम कथा से रवि जी समदर्शी महाराज ने श्रीराम के जीवन और उनके आदर्श को सबसे अधिक प्रासंगिक बताया। कहा कि लोगों का मर्यादित आचरण ही समाज में पहचान दिलाता है।
श्रीराम कथा समापन की पूर्व संध्या पर रवि जी समदर्शी ने कहा कि संस्कार विहीन शिक्षा से समाज में कुरीतियों बढ़ी हैं। बच्चों को शिक्षा के साथ ऐसे संस्कार दिए जाए, जो लोगों की भलाई के काम आए। श्रीराम एक आदर्श पुत्र और आदर्श राजा साबित हुए। उन्होंने मर्यादित आचरण से प्रजा के कल्याण में कमी नहीं छोड़ी। श्रीराम ने जो आदर्श स्थापित किए, वह मौजूदा समय में सबसे ज्यादा प्रासंगिक हैं। महाराज ने महिलाओं को भी गृहस्थ जीवन का सार समझाया। कहा- मातृ शक्ति को धर्म के कार्य में भी हिस्सा लेते रहना चाहिए।
इससे पहले शुक्रवार शाम विधायक हरीश शाक्य ने व्यास गद्दी का पूजन कर कथावाचक महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। मुख्य यजमान सत्येंद्र सिंह चौहान ने बताया कि रविवार को समापन के साथ ही भंडारा होगा। शाम को देवी जागरण होगा। कथा की व्यवस्थाओं में प्रदीप चौहान, ओम प्रकाश चौहान, ओमप्रकाश शर्मा, विजेंद्र सिंह, अंजू सिंह चौहान, मुनेश सिंह, विजय सोलंकी, रामेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, सुधा, सीमा, कल्याण सिंह, अमित शर्मा, मोहित प्रभाकर आदि का सहयोग रहा।