बदायूं। सिविल लाइंस क्षेत्र में गो-तस्कर और पुलिस के बीच बृहस्पतिवार सुबह चार बजे मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से हुई फायरिंग में तीन तस्कर व सिपाही गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। तस्करों से पुलिस पूछताछ कर रही है। आज उनको जेल भेजा जाएगा।
सिविल लाइन क्षेत्र के गांव नवादा के जंगल में बीआरवी स्कूल के पीछे कई दिन से तस्कर प्रतिबंधित पशुओं का वध कर मांस ले जा रहे थे। बुधवार को ग्रामीणों ने अवशेष देखे तो पशु प्रेमी और बजरंग दल के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। हंगामा करने के बाद तस्करों पर कार्रवाई की मांग करते हुए प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष लेकर हाईवे पर बैठ गए थे।
उन्होंने क्षेत्र में गोकशी जैसी घटनाओं को रोकने की पुलिस से गुहार लगाई। पुलिस ने अज्ञात गो तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जल्द ही तस्करों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। पुलिस ने जांच पड़ताल कर तस्करों को चिह्नित कर लिया।
बृहस्पतिवार की सुबह चार बजे मुखबिर ने सूचना दी कि कुछ लोग प्रतिबंधित पशुओं का वध करने के लिए उन्हें आईटीआई के पास लेकर पहुंचे हैं। पता चला कि यही लोग लगातार घटना को अंजाम देते आ रहे हैं।
सूचना मिलने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस, कोतवाली पुलिस व एसओजी ने तस्करों की घेराबंदी कर ली। तीन लोग आते दिखे तो पुलिस ने उनको रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें सिपाही कृष्ण कुमार गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने अपनी सुरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें तीन तस्करों के पैरों में गोली लगने के बाद उनको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पिता-पुत्रों पर दर्ज हैं 12 से अधिक मुकदमे
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव दिगुरैया के रहने वाले असलम पुत्र बाबू व उनके बेटे मुजाहिद व शाहरुख उर्फ हसनैन पर गो-तस्करी के एक दर्जन से अधिक मुकदमे कुंवरगांव थाने में दर्ज हैं। उनके पास से पुलिस ने तीन तमंचा व कारतूस और गोकशी करने वाले वाले उपकरण बरामद किए हैं।
परिजनों का आरोप रात 11 बजे घर से ले गई पुलिस
असलम की पत्नी व मुजाहिद की पत्नी मुस्कान का आरोप है कि पुलिस बुधवार रात 11 बजे उनके घर आई थी। घर के बाहर सो रहे असलम को पुलिस ने पकड़ लिया। साथ ही घर में सो रहे दो लड़कों को भी हिरासत में ले लिया। पुलिस चार मोबाइल भी अपने साथ ले गई। उनको नहीं पता था कि पुलिस उनको गोली मारकर घायल कर देगी। उनके पति व बेटे निर्दोष हैं। पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाई है।
किराए के मकान में रहता है परिवार
परिजनों का कहना है कि पिता-पुत्र तीनों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार करना बताया है। वह परिवार समेत पिछले डेढ़ साल से सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नवादा इलाके में एक किराये के घर में रह रहे हैं। कुंवरगांव के भैंसामई गांव में हुए एक हत्याकांड के बाद असलम का एक बेटा जावेद पहले से जेल में बंद है। इधर, इन पिता-पुत्रों पर पहले से गोकशी के मामले दर्ज है। इन मुकदमों को आधार बनाते हुए पुलिस ने मुठभेड़ में तीनों की गिरफ्तारी दिखाई है। असलम की पत्नी पूतो का कहना है उनके पति व बेटे बेकसूर हैं। अगर वह गोकशी करते होते तो क्या हम ऐसे हाल में रह रहे होते। न तो अपनी छत है और न ही दो वक्त पेट पालने का स्थायी साधन।
दरोगा की भूमिका संदिग्ध
दरअसल, इस मामले में एक दरोगा की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। यह दरोगा पूर्व में कुंवरगांव थाने में तैनात रहा है। वहां इस परिवार के साथ हुई मुकदमेबाजी का पूरा ब्योरा उसके पास था, जबकि कुछ दिन पहले ही वह सिविल लाइंस थाने में तबादले पर आए हैं। माना जा रहा है कि उसी दरोगा ने इस मुठभेड़ का तानाबाना बुना था, जबकि अब पूरी मुठभेड़ पर सवाल उठ गए हैं।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की टीम व एसओजी ने तस्करों की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही तस्करों ने गोली चला दी। सिपाही कृष्ण कुमार गोली लगने से घायल हो गया। बचाव में पुलिस ने फायरिंग की, जिससे तीनों तस्करों के पैर में गोली लगी। उनको गिरफ्तार कर लिया गया है। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। -रजनीश उपाध्याय, सीओ सिटी
मुठभेड़ की जानकारी देते सीओ सिटी व सिविल लाइंस और कोतवाली इंस्पेक्टर। स्रोत-पुलिस