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Budaun News: रामगंगा ऊफनाई, दस हजार की आबादी प्रभावित, सड़क पर चल रही नाव

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बाढ़ के पाना से होकर निकलते नगरिया खनू के लोग। संवाद
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दातागंज। पिछले दिनों पहाड़ों पर हुई भारी बारिश से रामगंगा का जलस्तर एकाएक फिर बढ़ गया है। रविवार को दातागंज-शाहजहांपुर को जाने वाले मार्ग पर पानी आने से यातायात बंद हो गया। अब यहां सड़क पर नाव ही एक मात्र सहारा है। ऐसे में नाव पर बाइक रखकर लोग सड़क पार कर रहे हैं। चार पहिया वाहनाें को लौटना पड़ रहा है। वहीं क्षेत्र के गाढि़या पैगंबर, नवादा बदन, शेरपुर और अकट कटकौरा का तहसील मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह से कट गया है।
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रामगंगा में तेजी से पानी बढ़ रहा है। दातागंज से शाहजहांपुर जाने वाले रास्ते पर बाढ़ का पानी भरा हुआ है। हजरतपुर से हर्रामपुर से लालपुर खादर और दातागंज से नगरिया खनू से लालपुर खादर होते हुए शाहजहांपुर को जाने वाला मार्ग पानी में समा गया है। मार्ग पर बाढ़ का पानी आने से तहसील के अधिकारियों को यहां पर नाव डलवानी पड़ी। नाव के सहारे ही पैदल व बाइक सवार आ-जा रहे हैं। वहीं चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद है।



शेरपुर में बने रपटा पुल पर तीन फुट चल रहा पानी, प्रशासन ने नाव डलवाई

रविवार को रामगंगा का गेज 160.820 मीटर रिकॉर्ड किया गया। रामगंगा नदी के किनारे के गांवों गढि़या पैगंबर, नवादा बदन के हालात काफी खराब हैं। मौजमपुर होते हुए गढि़या पैगंबर होते हुए नवादा बदन गांव को लोग जाते हैं। गढि़या पैगंबर गांव से कुछ दूर पुलिया है। वहां पर पानी का बहाव इतना तेज है कि बाढ़ ने पुलिया के पास में सड़क को ही काट दिया है। काफी तेज बहाव के कारण उस ओर से होकर निकलना नामुमकिन हो गया है। ऐसे में प्रशासन ने वहां पर एक नाव डलवाई है। वहां से गढि़या पैगंबर की आबादी लगभग 1,000 और नवादा बदन की 1,200 है। उनका आवागमन होगा।
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वहीं शेरपुर में बने रपटा पुल पर तीन फुट तक पानी चल रहा है। वहां पर भी प्रशासन ने नाव डलवाई है। अकट कटकौरा नदी के पार का गांव होने की वजह से यातायात पूरी तरह बाधित है। एसडीएस धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पानी को देखते हुए नाव डलवाई गई हैं। एक-दो दिन में पानी कम नहीं हुआ तो और नाव की व्यवस्था की जाएगी।



नगरिया खनू पुल के प्लेटफार्म को कटने से बचाने का काम शुरू

रामगंगा जलस्तर एक साथ बढ़ने की वजह से कटान शुरू हो गया है। ऐसे में रामगंगा ने नगरिया खनू पर बने पुल में लालपुर खादर की तरफ बने प्लेटफार्म में कटान शुरू कर दिया है। हालत यह है कि जब पुल बनाया गया था तब जिस धार को देखते हुए पुल का निर्माण किया गया था, उसको छोड़कर लालपुर खादर की तरफ रामगंगा बढ़ने लगी। बाढ़ के पानी ने उस साइड में बने प्लेटफार्म को काटना शुरू कर दिया है। हालांकि समय रहते विभाग ने कटान रोकने के काम शुरू कर दिया है।



खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही गंगा

उसहैत। गंगा के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अब पानी खेतों के रास्ते गांव की ओर से बढ़ने लगा है। इसकी वजह से गंगा पार के कमलैयापुर, जटा, प्रेमी नगला, ठकुरी नगला, जसमंत नगला और इस पार के भकरी, बेहटी व बल्ले नगला गांव पानी से घिरे हुए हैं। इसके साथ-साथ कंपिल-फर्रुखाबाद जाने वाले रोड से जटा की ओर जाने वाली पुलिया के ऊपर पानी चल रहा है। यहां पर आवागमन के लिए नाव ही एक मात्र सहारा है। रविववार को गंगा 162.50 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान से 50 मीटर ऊपर है।







सहसवान के निचले इलाकों में भरने लगा बाढ़ का पानी



सहसवान। नरौरा बैराज से छोड़े गए पानी के कारण रविवार को खेतिहर इलाके और गंगा महावा बांध के उस पार बसे गांव भमरौलिया, वीर सहाय नगला, खागी नगला के आसपास निचले स्थानों पर पानी भरने लगा है। हालांकि अभी किसी गांव के अंदर पानी नहीं भरा है।

सहसवान एसडीएम प्रेमपाल सिंह ने गंगा महावा बांध के उस पार बसे गांव भमरौलिया, वीर सहाय नगला और खागी नगला का दौरा किया और ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा। साथ ही गांवों में जलभराव होने की स्थिति में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शरण दिलाने के लिए राहत शिविर तैयार किए गए हैं। संवाद

बाढ़ के पाना से होकर निकलते नगरिया खनू के लोग। संवाद

बाढ़ के पाना से होकर निकलते नगरिया खनू के लोग। संवाद

बाढ़ के पाना से होकर निकलते नगरिया खनू के लोग। संवाद

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