नरौरा बैराज से सोमवार की शाम करीब 1.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद से जिले में गंगा और रामगंगा का जलस्तर बढ़ गया है। दातागंज इलाके में बह रही रामगंगा नदी भी उफान पर चल रही है। आसपास के गांवों में इससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लोग डरे और सहमे हैं। इसके बावजूद बाढ़ खंड विभाग के अफसरों ने स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होने का दावा करते हुए कहा है कि इतना पानी छोड़े जाने से किसी तरह के डर की बात नहीं है।
जिले में कुछ दिनों से बादल तो खूब हो रहे हैं पर बरस नहीं रहे हैं। इसकी वजह से किसान परेशान हैं। हालांकि जिले में बह रही गंगा और रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। सोमवार की शाम नरौरा बैराज से एक लाख 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस पानी के आने के बाद से गंगा और रामगंगा उफान पर आने लगी हैं। गंगा से जुड़े गांवों के लोग भी जलस्तर के बढ़ने से चिंतित होने लगे हैं।
तटबंध तोड़ने लगी रामगंगा
दातागंज। सोमवार को क्षेत्र में बह रही रामगंगा नदी एकाएक उफान पर आ गई। गांव नवादा के पास रामगंगा तटबंध तोडने लगी है। गांव के प्रधान ओमवीर, पूर्व प्रधान श्रीकृष्ण, किशनपाल ने बताया यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो बाढ़ जैसे हालात हो जाएंगे। तब गांव और इसके आसपास के गांवों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। कहा कि क्षेत्र के लोग इस बात को लेकर चिंतित है कि कहीं रात में पानी न बढ़ जाए। बाढ़ से पूर्व में हुई तबाही के कारण हर कोई परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि रामगंगा में जलस्तर के बढ़ जाने के बाद से लोगों ने सुरक्षित ठिकाने तलाशने शुरू कर दिए हैं। हालांकि गांव तक पानी आना अभी बहुत मुश्किल ही लग रहा है।
वर्जन-
सोमवार की शाम को नरौरा से 1.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। चार-पांच अगस्त को भी इतना ही पानी था, इसलिए इस पानी के छोड़े जाने से किसी तरह के डरने की बात नहीं है। दातागंज क्षेत्र का गांव नवादा मधुकर पूरी तरह सुरक्षित है। हरिद्वार और बिजनौर से 96 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहां पानी कम हो रहा है। अवर अभियंता अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखे हैं। अब नहीं लग रहा है कि और पानी छोड़ा जाएगा। फिर भी हम चौकन्ने हैं।
-इंतियाजुर्रहमान, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड