सदियों से चली रही यह परंपरा
लभारी के विवेक मिश्रा ने बताया कि एक दिन पहले रक्षाबंधन मनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस बहाने अपने पूर्वजों की गाथा को भी हम लोग ताजा बनाए रखते हैं। यह परंपरा चंदेल वंश, आल्हा और पृथ्वीराज चौहान से जुड़ी है।
कादरचौक के देवेंद्र कुमार ने बताया कि महोबा शासन में यहां के जमींदार आल्हा पक्ष के साथ थे। उसी युद्ध में जाने की वजह से एक दिन पहले त्योहार मनाया था, जो अब तक चला आ रहा है। आल्हा ऊदल के इतिहास से संबंधित पुस्तक में इसका प्रसंग है।