बदायूं। फिल्मों की तरह ककोड़ा मेले में अब बच्चे नहीं बिछुड़ेंगे। यहां पहले भी मशक्कत के बाद बच्चों को परिवारवालों से मिला दिया जाता था पर अब नई व्यवस्था की गई है। इसके तहत न कोई राजू अपने माता-पिता से बिछड़ेगा और न ही कोई सूरज अपने भाई से अलग होगा। मेले में घुसने से पहले ही हाथ पर नाम पता लिखा बैंड बांध दिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने इस बार ककोड़ा मेला में एक हेल्प डेस्क बनाई है। इसकी जिम्मेदारी नेहरू युवा केंद्र के तमाम स्वयंसेवकों को दी गई है। ये हेल्प डेस्क मेला के प्रवेश द्वार पर स्थापित की गई है। इससे जो भी श्रद्धालु मेला पहुंच रहे हैं। उनके छोटे-छोटे बच्चों के हाथ पर एक विशेष बैंड बांधा जा रहा है। ये बैंड खासकर उन बच्चों को बांधा जा रहा है। जो बच्चे या तो अपना नाम पता बताने में सक्षम नहीं हैं या फिर बच्चे मानसिक मंदित हैं। वह परिवार वालों के नाम तो क्या अपने नाम तक नहीं बता पा रहे हैं। इस बैंड पर बच्चे का नाम, पता और पिता के नाम के साथ उनका मोबाइल नंबर तक लिखा जा रहा है। बृहस्पतिवार सुबह शुरू की गई ये व्यवस्था काफी सराही जा रही है। बच्चों के अभिभावकों को भी काफी पसंद आई है। बच्चे हंस खेलकर बैंड बंधवा रहे हैं। उन्हें बैंड बंधवाते हुए अच्छा भी लग रहा है। मेले में अब तक दो हजार बच्चों से ज्यादा को बैंड बांधा जा चुका है। इससे बच्चों को तलाश करने में ज्यादा परेशानी नहीं हो रही है।