बदायूं। रोडवेज बस स्टैंड को मॉडल डिपो के रूप में विकसित करने का काम जल्द शुरू हो सकता है। इससे यात्री सुविधाओं में इजाफा और जाम का झंझट खत्म होने के आसार हैं। शासन ने यह काम राजकीय निर्माण निगम को सौंप दिया है। निगम की तकनीकी टीम ने सर्वे समेत अन्य काम पूरे कर लिए हैं। निर्माण शुरू करने से पहले डिपो परिसर के पुराने भवन और बाहर का अतिक्रमण ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए कवायद जल्द चालू हो जाएगी।
बदायूं डिपो का वर्कशॉप सितंबर 2020 में दातागंज रोड स्थित नये भवन में शिफ्ट हो चुका है। पर अब तक बस स्टैंड से डीजल पंप नए वर्कशॉप में शिफ्ट नहीं हुआ है। बदायूं डिपो के बेड़े में 131 निगम की और 37 अनुबंधित बसें शामिल हैं। अन्य जिलों के डिपो की रोज 200 से ज्यादा बसें यहां आती हैं। डिपो को मॉडल बस स्टैंड के रूप में विकसित करने की मंजूरी दो साल पहले मिल चुकी है लेकिन कोरोना काल के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका। अब मॉडल डिपो के लिए फिर कवायद शुरू हो गई है।
तकनीकी टीम ने डिपो परिसर का मुआयना कर लिया है। इस संबंध में एआरएम लक्ष्मण सिंह को भी पत्र लिखा गया है। डिपो परिसर में पुराने भवनों के साथ बाहर पुलिस चौकी समेत दुकानों का अवैध निर्माण ढहाया जाना है। राजकीय निर्माण निगम ने इस संबंध में सूचनाएं एआरएम को भेज दी हैं। स्थानीय स्तर पर एआरएम ने भी कोशिश शुरू कर दी है।
डीजल पंप शिफ्ट कराने को आगे बढ़ी कार्रवाई
- रोडवेज बस स्टैंड का डीजल पंप नए वर्कशॉप में शिफ्ट करने को लेकर भी कार्रवाई आगे बढ़ी है। इंडियन ऑयल की टीम ने पिछले दिनों वर्कशॉप का मुआयना कर लिया था। केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय के स्तर से डीजल पंप शिफ्ट करने के लिए एनओसी का इंतजार किया जा रहा है। उम्मीद है कि मॉडल डिपो का काम शुरू होने से पहले एनओसी मिलने के साथ डीजल पंप शिफ्ट कर लिया जाएगा। इसके बाद बस स्टैंड पर अतिक्रमण और पुराने भवन के ध्वस्तीकरण का काम होगा।
मॉडल डिपो का काम राजकीय निर्माण निगम को करना है। राजकीय निर्माण निगम की ओर से इस संबंध में पत्र भेजकर संबंधित सूचनाएं दे दी गई हैं। डीजल पंप शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी चल रही है। मॉडल डिपो निर्माण का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है। - लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो