फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों के लिए इंद्रधनुष, गर्भवती महिलाओं को कुछ नहीं

Sun, 22 Mar 2015 07:25 PM IST
badaun
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम पटरी से उतर गया है। वर्ष 2014-15 के आंकड़ों पर गौर करें तो फरवरी 2015 तक जिले में 15 ब्लाकों में 45 फीसदी गर्भवती महिलाओं को टीके लगे ही नहीं। आंकड़ों से गर्भवती महिलाओं को लगने वाले टीटी और बूस्टर टीकों की पोल खुल रही है। शत-प्रतिशत नौनिहालों को इंद्रधनुष योजना शुरू की गई है लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए कुछ नहीं है।
विज्ञापन

गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित टीकाकरण चलाया जाता है। सीएचसी और पीएचसी स्तर पर इसके लिए लक्ष्य निर्धारित होता है। चालू वित्तीय वर्ष में स्वास्थ्य विभाग कोे जिले के 15 ब्लाकों और चार नगरीय क्षेत्रों में 1,02,200 गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का लक्ष्य मिला था। भारी तामझाम के बाद भी स्वास्थ्य विभाग लक्ष्य प्राप्ति से कोसों दूर है जबकि वित्तीय वर्ष खत्म होने में कुछ दिन ही बाकी बचे हैं।
जिले में सबसे खराब स्थिति सहसवान ब्लाक की है। यहां सिर्फ 35 फीसदी लक्ष्य हासिल किया जा सका है। हालांकि बिनावर ब्लाक और उझानी में स्थिति कुछ बेहतर है। कई ब्लाकों में स्वास्थ्य विभाग के अफसर आंकड़ों की बाजीगरी में जुटे हुए हैं। वित्तीय वर्ष खत्म होने में कुछ दिन ही शेष हैं ऐसे में नहीं लगता कि नियमित टीकाकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
विज्ञापन


कुछ ब्लाकों में टीकाकरण पिछड़ा जरूर है लेकिन स्थिति लक्ष्य के सापेक्ष है। जिन ब्लाकों में प्रगति खराब है वहां अभियान चलाकर लक्ष्य पूरा कराया जा रहा है। -डॉ. दीपक सक्सेना, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें