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दो घंटे की बारिश में सड़कों पर ‘बाढ़’ आई, घरों में भी घुसे पानी ने बढ़ाई दिक्कत

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बदायूं। बारिश तो पिछले दिनों भी हुई, लेकिन रविवार को महज दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। एक तो नाले पहले से ही कीचड़ से पटे पड़े थे, सो थोड़ी देर में ही पानी सड़कों पर बहने लगा। प्रमुख सड़कें घुटनों तक पानी में डूब गईं। फिर क्या, घरों में भी बारिश का पानी घुस गया। घरेलू सामान समेटना भी मुश्किल हो गया। करीब तीन घंटे तक सड़कों और गली-मोहल्लों में बाढ़ जैसे हालात भी नजर आए।
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रविवार तड़के करीब पांच बजे मौसम ने अचानक ही मिजाज बदला कि घंटा भर में आसमान में उमड़े काले -काले बदरा ने फिर से अंधियारे का माहौल बना दिया। तेज हवा के झोंकों के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश ने देखते ही देखते मूसलाधार रूप अख्तियार कर लिया। करीब दो घंटे तक बारिश के दौरान गली-मोहल्लों में घुटनों तक पानी भर गया। पहले से ही चोक नाले तो आधा घंटे की बारिश को भी नहीं झेल पाए। लावेला चौक, गांधी ग्राउंड, जालंधरी सराय, नेकपुर, आवास विकास कॉलोनी, साहूकारा आदि मोहल्लों समेत रेलवे लाइन के आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया। लावेला चौक, रोडवेज बस स्टैंड, गांधी ग्राउंड के तीनों छोर की सड़क पर तो छोटे वाहनों के पहिए भी बारिश के पानी में डूब गए। कुछेक स्थानों कारों के बोनट तक पानी पहुंच गया।
लावेला चौक से गोशाला की ओर जाने वाला रोड पर तो बारिश के करीब एक घंटा बाद तक भी लोगों को निकलना मुश्किल हो गया। सबसे ज्यादा दिक्कत उन घरों की महिलाओं को हुई जिन में बारिश का पानी घुस गया। घरेलू सामान को बचाने के लिए उन्होंने मशक्कत भी की, लेकिन रोजमर्रा इस्तेमाल का सामान भी चपेट में आ गया। बता दें कि मानसून की दस्तक के बाद से रविवार को हुई बारिश सबसे तेज रही। नागरिकों का कहना है कि बारिश तो पिछले दिनों भी हुई थी, लेकिन ऐसा रूप करीब दो साल में पहली बार देखने को मिला है। वह तो गनीमत रही जो रविवार को सार्वजनिक अवकाश और साप्ताहिक बंदी का दिन था, नहीं तो स्कूली बच्चों के साथ रोजमर्रा कामकाज के लिए निकलने वालों को समय पर गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो जाता।
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पनबड़िया समेत कई उपकेंद्रों में पानी भरने से सप्लाई ठप
-झमाझम बारिश के दौरान नागरिकों को कई तरह की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। बारिश का पानी पनबड़िया उपकेंद्र में भी घुस गया। कमोबेश ऐसा ही हाल उझानी और कुंवरगांव के उपकेंद्र पर देखने को मिला। जमीनी सतह के नजदीक रखे ट्रांसफार्मर का निचला हिस्सा भी बारिश के पानी में डूब गया। उपकेंद्रों से पानी निकलने तक सप्लाई भी शुरू नहीं की गई। उझानी में तो चार घंटे तक की कटौती का सामना करना पड़ा।
सड़कों पर बारिश का पानी कम हुआ तो बना कीचड़ का माहौल
-बारिश थम जाने के बाद नागरिकों को लगा कि चलो, अब बाहर निकल कर हालात पर गौर करते हैं लेकिन जब उनके कदम बाहर पड़े तो गलियारों से लेकर मेन मार्केट की सड़कों पर कीचड़ पसरा पड़ा था। सबसे ज्यादा कीचड़ मुख्य नालों से जुड़े इलाके में दिखी। बारिश के दौरान नाले के ओवर फ्लो की वजह से अंदर की कीचड़ सड़कों पर आ गई थी।
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