उझानी। बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। कल्ले फूटने के बाद बढ़वार की ओर बढ़ रहे गेहूं के पौधों को सिंचाई की जरूरत थी, जो पूरी हो गई। सरसों में हरियाली लौट आई तो सब्जियों के राजा आलू को पिछेती झुलसा से निजात मिलने के आसार बढ़ गए हैं।
दिसंबर में कोई खास ठंड नहीं पड़ने से गेहूं की फसल को नुकसान होने लगा था। पिछले दिनों कोहरा पड़ने के साथ ही शनिवार रात बारिश हुई तो गेहूं की फसल को संजीवनी मिल गई। हालांकि बारिश तेज नहीं हुई, लेकिन सिंचाई की जरूरत पूरी हो गई। कल्ले फूटने के बाद पौधे जब बढ़वार की ओर होते हैं तो बारिश ज्यादा फायदेमंद साबित होती है।
फायदा तो सरसों की फसल को भी हुआ है। सरसों की फली में दाना पड़ चुकी है। खेतों में नमी के बाद दानों को मजबूती मिलेगी। दरअसल, एक- डेढ़ सप्ताह पहले तक तापमान में कोई खास गिरावट नहीं होने से सरसों मुरझाने लगी थी। बारिश से पौधों में हरियाली लौट आई है। आलू को पिछेती झुलसा से निजात मिलने के आसार हैं। चार-छह दिन पहले तक घने कोहरे के दौरान आलू की पत्तियां पीली नजर आने लगी थीं। कच्चे आलू की खेती तो पहले ही प्रभावित हो चुकी थी। मौसम में उतार-चढ़ाव का कच्चे आलू के उत्पादकों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था।
ओलावृष्टि हुई तो फसलों को होगा नुकसान
गेहूं के पौधे तो बढ़वार की ओर हैं। सरसों में दाना पड़ चुका है और आलू का कंद मोटाई पकड़ रहा है। ऐसे में तेज बारिश के दौरान अगर ओलावृष्टि हो जाती है तो तीनों ही फसलों को काफी नुकसान होगा। ओलावृष्टि की मार पौधों की पत्तियां नहीं झेल पातीं। गेहूं का तना तो अभी मजबूती भी नहीं पकड़ पाया है। जानकार बताते हैं कि पछवा हवाएं भी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
क्या बोले किसान
बारिश होने से गेहूं की फसल को काफी फायदा हुआ है। एक सिंचाई की जरूरत भी पूरी हो गई है। मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा तो पैदावार भी अच्छी होगी।- नेमपाल सिंह
चार- छह दिन में आलू की फसल को सिंचाई करनी थी। शनिवार रात में बारिश होने से फसल को फायदे के साथ सिंचाई पर होने वाला खर्च भी बच गया है।- कालीचरन
बारिश से गेहूं, सरसों और आलू समेत सब्जी की फसलों को फायदा पहुंचा है। अभी बारिश और होने के आसार हैं। बारिश का पानी आलू में नहीं भरने दिया जाए। खेत में एक-दो दिन बारिश का पानी भरा रहा तो आलू का कंद सड़ जाएगा। पानी के निकास की व्यवस्था समय रहते कर दी जाए तो नुकसान नहीं होगा। - डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक
आधी रात को बूंदाबांदी से छंट गया
कोहरा, धूप के बाद छाए रहे बादल
बदायूं। जिले में शनिवार आधी रात पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी से कोहरा पूरी तरह छंट गया। रविवार पूर्वाह्न बाद तेज धूप निकलने से लोगों को ठंड से खासी राहत मिली। रविवार का अवकाश होने के कारण लोग छतों पर धूप का आनंद लेते नजर आए। हालांकि दोपहर बाद आसमान में बादल छा जाने से मौसम में फिर से ठिठुरन बढ़ गई।
शनिवार की शाम से मौसम में उतराव-चढ़ाव देखने को मिला। देर रात बूंदाबांदी के बाद रविवार सुबह नौ बजे के बाद चटख धूप खिली। इससे लोगों को ठंड से काफी राहत मिली। सामान की खरीदारी के लिए बाजारों में लोगों की चहलपहल बढ़ गई। बड़े-बुजुर्गों ने भी घरों से बाहर निकलकर धूप सेंककर राहत महसूस की।
लंबे समय से धूप में न बैठ पाने वाले सरकारी कर्मचारियों ने भी रविवार को घरों की छतों पर बैठकर धूप का आनंद लिया। दोपहर दो बजे तक मौसम साफ रहा, इसके बाद बादल छा गए। इससे सर्दी का एहसास होने लगा। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कारण अचानक से मौसम में बदलाव हुआ है। रविवार को न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गर्म कपड़ों में कचहरी रोड से गुजरतीं युवतियां। संवाद
गर्म कपड़ों में कचहरी रोड से गुजरतीं युवतियां। संवाद
गर्म कपड़ों में कचहरी रोड से गुजरतीं युवतियां। संवाद
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