दबतोरी (बदायूं)। चंदौसी-बरेली रेलवे लाइन पर रेल मंत्रालय के आदेश के बाद जून माह से विद्युतीकरण का कार्य तेजी से शुरू हुआ था। जिसके बाद 25 सितंबर से इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल होना तय था, लेकिन किन्हीं कारणवश इसकी अनुमति नहीं मिली। चीफ इंजीनियर, इलेक्ट्रिक द्वारा गुरुवार को तैयारियों का जायजा लेने के बाद से आई तेजी को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि एक सप्ताह में ट्रायल शुरू हो सकता है।
बरेली से चंदौसी और अलीगढ़ रूट पर काफी समय से डीजल से चलने वाली ट्रेनों का संचालन हो रहा था। इसकी वजह से ट्रेनों की स्पीड नहीं बढ़ पा रही है। ऐसे में रेल विभाग को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था। रेल मंत्रालय ने बीते वर्ष इस रूट पर विद्युतीकरण करने का फैसला लिया था। जिसके तहत जून माह में तेजी से इस रूट पर विद्युतीकरण का कार्य शुरू किया गया। यह कार्य अगस्त माह तक चंदौसी से बरेली के बीच पूरा हो जाने की मियाद रखी गई, लेकिन रामगंगा पुल पर कुछ तकनीकी कमी के चलते बरेली तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा नहीं हो सका। चंदौसी से आंवला के बीच विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। जिस पर 25 सितंबर को विद्युत इंजन से ट्रायल होना तय किया गया था, लेकिन बाद में ट्रायल की अनुमति नहीं मिली। ऐसे में गुरुवार को निरीक्षण यान से चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बीपी सिंह ने दौरा कर जायजा लिया था, जिसके बाद रिपोर्ट तैयार कर रेल विभाग ने मंत्रालय को सौंप दी है और ट्रायल करने के लिए फिर से परमिशन मांगी है।
चंदौसी-बरेली रूट पर आंवला तक विद्युत इंजन से ट्रायल की सभी तैयारी पूर्ण हो चुकी है। रेल मंत्रालय व उच्चाधिकारियों से परमिशन मिलते ही एक सप्ताह में ट्रायल शुरू होना तय है।
- तरुण प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक, मुरादाबाद
चंदौसी-आंवला के बीच विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। जिसकी रिपोर्ट निरीक्षण के बाद विभाग को भेज दी गई है। परमिशन मिलते ही एक सप्ताह के अंदर ट्रायल शुरू हो जाएगा।
-जितेंद्र कुमार, सीनियर डिवीजन इलेक्ट्रिक इंजीनियर, मुरादाबाद मंडल