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रेल पटरी घोटाला: चार की  गिरफ्तारी पर लगी रोक

Wed, 31 Aug 2016 10:42 PM IST
ब्यूरो /बदायूं
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 रेल पटरी घोटाला के मामले में फंसे आरपीएफ के एक सब इंस्पेक्टर और तीन रेल कर्मियों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। मामले में जांच आरपीएफ थाना प्रभारी दिनेश चंद्र शुक्ला कर रहे हैं। मामले में बरेली की एक फर्म के मुनीम समेत तीन लोगों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर की ओर से विभागीय जांच के लिए तीन सदस्यों की कमेटी भी बनाई गई है। 
इज्जतनगर रेल मंडल के बरेली-कासगंज रूट पर पिछले साल अमान परिवर्तन हुआ था। मीटर गेज लाइन को हटाकर यहां ब्राडगेज रेल लाइन चालू की गई है। उपयोग में न आने वाली मीटर गेट रेल पटरी को रेल अफसर और कर्मचारी धीरे-धीरे बेच रहे थे। पिछले दिनों रेलवे ने पटरी नीलामी के लिए ऑनलाइन टेंडर मांगे। बदायूं की मकरंदपुर रेलवे स्टेशन से 23.57 टन रेल पटरी नीलामी में बरेली के मैसर्स पदमावती एसोसिएट नाम की फर्म ने खरीद ली। मकरंदपुर स्टेशन से 25 जून को यहां से पटरी ट्रक में लोड की गई। रेल कर्मचारियों और आरपीएफ के जवानों ने अपनी जेबें भरने के लिए करीब 50 क्विंटल ज्यादा 29 टन पटरी ट्रक में लोड करा दी।
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मामले की शिकायत ट्वीट के जरिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु से की गई। आरपीएफ कमांडेंट एसपीएस राठौर ने टीम के साथ छापामारी कर ट्रक पकड़ लिया। मामले में आरपीएफ दरोगा पीएन तिवारी, रेलवे के पीडब्ल्यूआई डीसी श्रीवास्तव, स्टॉक वेरीफायर अख्तर कमाल, खलासी मंजू लाल शर्मा समेत ट्रक चालक सदाकत, क्लीनर सरफराज और पदमावती फर्म के मुंशी ऋषि के खिलाफ आरपीएफ बदायूं में रिपोर्ट दर्ज की गई। खलासी मंजू लाल शर्मा समेत ट्रक चालक और क्लीनर को जेल भेजा जा चुका है। बाकी आरोपी फरार थे। आरपीएफ दरोगा और तीन रेल कर्मियों ने गिरफ्तारी पर स्टे के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट ने सभी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। 
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मामले में जांच चल रही है। सब इंस्पेक्टर और तीन रेल कर्मियों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। जांच पूरी होने के बाद जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
-दिनेश चंद्र शुक्ला, इंस्पेक्टर आरपीएफ-बदायूं
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