उझानी में मिनी बाइपास की हुई मरम्मत। संवाद
उझानी। बनाए जाने के करीब नौ महीना बाद ही क्षतिग्रस्त हुए मिनी बाइपास की मरम्मत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने करा दी है। गड्ढों की वजह से ग्रामीण इलाकों से जुड़े किसानों को आवाजाही में परेशानी हो रही थी, जिसे प्रमुखता से छापा गया था।
कादरचौक रोड से गोशाला मोड़ को जोड़कर करीब एक किलोमीटर का मिनी बाइपास एक दशक पहले बना था। इसके बाद गड्ढे हो जाने पर हॉटमिक्स सड़क बनाई गई थी।
हॉटमिक्स कार्य पूर्ण होने के करीब नौ महीने बाद ही मीहलाल नगला और कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय के आसपास तीनों मोड़ क्षतिग्रस्त हो गए थे। तीनों मोड़ के पास गड्ढे हो जाने के बाद बारिश के दिनों में किनारों की मिट्टी भी बह गई थी। बताते हैं कि इलाके के लोगों ने इसकी शिकायत पीडब्ल्यूडी के अफसरों से भी की, लेकिन तब उन्होंने ध्यान नहीं दिया।
कादरचौक और उझानी ब्लॉक क्षेत्र के किसानों के अनाज लदे वाहन मंडी समिति तक मिनी बाइपास से होकर ही आते-जाते हैं। रास्ता क्षतिग्रस्त होने के कारण अनाज लदे वाहन मुख्य बाजार होकर मंडी पहुंच रहे थे, जिससे रोजाना जाम लग रहा था। मिनी बाइपास दुरुस्त हो जाने से अब वाहन इसी रास्ते से होकर ही आवाजाही करने लगे हैं, जिससे मुख्य बाजार में लगने वाले जाम में कमी आई है। इलाके के लोगों में बुर्राफरीदपुर के चंद्रपाल और नरऊ निवासी जय सिंह ने बताया कि मोड़ और गड्ढों की वजह से हादसा होने की आशंका भी बनी हुई थी।
अढौली रोड पर मंदिर के सामने बह रहा नाले का पानी
रेलवे स्टेशन से अढौली गांव को जाने वाला नाला पिछले साल क्षतिग्रस्त हो गया था। नाले के पास ही शनिदेव का मंदिर है। क्षतिग्रस्त नाले का पानी सड़क पर बहते रहने से सकरीजंगल, अहीरवारा और तेहरा आने-जाने लोगों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं में रिंकू सिंह ने बताया कि सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने कराया था, लेकिन नाला पूरा नहीं किया था।
उझानी में मिनी बाइपास की हुई मरम्मत। संवाद