बदायूं। जिले के 100 केंद्रों पर प्रयोगात्मक परीक्षाएं नौ फरवरी से कराई जाएंगी। इसके लिए 24 सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। अन्य तैयारियां भी पूरी की जा रहीं हैं।
यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं में कई बदलाव किए गए हैं। पिछले साल तक परीक्षक बच्चों से सवाल पूछकर नंबर लिस्ट स्कूल के ही प्रधानाचार्य को देकर लौट जाते थे। स्कूल स्तर से नंबर भरकर बोर्ड को भेज दिए जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सकेगा। इस बार परीक्षकों को स्कूल में ही रहकर शिक्षा विभाग द्वारा दिए गए एप पर विद्यार्थियों के परीक्षा अंक अपलोड करने होंगे। साथ ही विद्यार्थियों के साथ सेल्फी लेकर इसी एप पर लोड करना होगा।
ऐसे में अब तक अंक देने में होती आ रही मनमानी पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। इस संबंध में डीआईओएस डॉ. प्रवेश कुमार ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों और स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर निर्देश जारी किए गए हैं।
परीक्षकों के मोबाइल पर रहेगा एप का लिंक
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं दो चरणों में होनी हैं। जिले में दूसरे चरण में नौ फरवरी से प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू होंगी जो 16 फरवरी तक चलेंगी। परीक्षा में पारदर्शिता रहे इसके लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए शासन से एप तैयार किया गया है।
इसका लिंक परीक्षकों के मोबाइल फोन पर रहेगा। इस पर परीक्षक अंक परीक्षा केंद्र के अंदर ही रहकर दे सकेंगे। यह एप माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड होगा। लिंक व पासवर्ड परीक्षकों को परीक्षा से पूर्व उपलब्ध कराया जाएगा। परीक्षक प्रयोगात्मक परीक्षा में दिए गए अंक के साथ ही प्रयोगात्मक परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ ली गई सेल्फी भी अपलोड करेंगे।
बोर्ड के निर्देशों का पालन कराया जाएगा। जिले में प्रयोगात्मक परीक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। प्रधानाचार्यों को भी बोर्ड के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।- डॉ. प्रवेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक