बांके बिहारी लॉ कॉलेज में एलएलबी के चौथे पेपर में नकल करते पकड़े जाने के बाद बौखलाए छात्र पुष्पांशु के प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार पर जानलेवा हमले के मामले में एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय की तीन सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम ने पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी भी हासिल की। इस बीच, मंगलवार को पुष्पांशु पेपर देने कॉलेज नहीं पहुंचा। उसने गिरफ्तारी के डर से पेपर छोड़ दिया है।
तीन फरवरी को प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार पर फायरिंग कर जानलेवा हमले के मामले में नामजद बदायूं निवासी पुष्पांशु शर्मा एलएलबी का छात्र है। पहले सेमेस्टर के पांचवें पेपर देने के लिए वह मंगलवार को कॉलेज नहीं पहुंचा तो पुलिस को भी मायूसी हाथ लगी। पुलिस को उम्मीद थी कि पुष्पांशु पेपर देने के लिए कॉलेज जरूर पहुंचेगा।
कॉलेज पहुंचने पर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्रोफेसर ने बताया कि पुष्पांशु की ओर से कॉलेज प्रशासन से संपर्क भी नहीं साधा गया। पेपर छोड़ देने से उसकी एक साल बेकार भी हो गया है। चर्चा तो यह भी है कि उसके सामने मेडिकल लगाने का विकल्प बचा है।
इस बीच, सोमवार अपराह्न में एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय के बरेली कार्यालय से तीन सदस्यीय टीम भी कॉलेज पहुंची। टीम में शामिल दुर्मेश सिंह ने घटनाक्रम को लेकर प्रोफेसर समेत शिक्षण स्टाफ से जानकारी की। विश्वविद्यालय की ओर से स्वत: ही घटना का संज्ञान लिया गया था। प्रोफेसर ने बताया कि जांच दल ने उनके बयान भी लिए। जांच में छात्र को दोषी पाए जाने पर विश्वविद्यालय प्रशासन कार्रवाई भी कर सकता है। प्रोफेसर को भी ऐसे ही संकेत दिए गए हैं।
पुष्पांशु और उसके अज्ञात साथियों ने कॉलेज गेट पर प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार को उस समय दबोच लिया था जब वह बरेली स्थित अपने घर जाने के लिए टैंपो में सवार हुए थे। आरोप है कि उन पर फायरिंग भी की गई थी।