जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जन सेवा केंद्र खोलकर उन्हें हाईटेक किया जा रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीणों को अब तहसील और जिला मुख्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे। वयंटेक को ही इस नई व्यवस्था में शामिल किया गया है, लेकिन पूर्व की भांति सर्वाधिकारी इस संस्था को न होकर अब सर्वाधिकारी जिलाधिकारी के पास होंगे। वयंटेक को स्वीकृत आवेदकों के यहां सेवा शुरू कराने की जिम्मेदारी पूरी करेगी।
वयंटेक अभी तक ग्रामीण क्षेत्र में केवल 340 ही जन सेवा संचालित कर रही थी। नए जीओ के अनुसार अब सभी ग्राम पंचायतों यानि 1038 में जन सेवा केंद्र स्थापित होंगे। इसके लिए बाकी ग्राम पंचायतों के लिए नए जनसेवा केंद्रों के लिए रूपरेखा बन चुकी है। इसके लिए डीएम के यहां आवेदन किए जाएंगे। अबतक प्रदेश सरकार की 26 सेवाएं जनसेवा केंद्रों पर संचालित थीं लेकिन अब केंद्र सरकार की 90 सेवाएं जनसेवा केंद्र से और जोड़ी जा रही हैं। इस महीने के अंत तक सभी ग्राम पंचायतें संतृप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
युवाओं को रोजगार, ग्रामीणों को सुविधा
हर ग्राम पंचायत में जनसेवा केंद्र खोले जाने से जिले में 1038 युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा, वहीं ग्रामीणों को गांव में ही सुविधा प्राप्त हो जाएंगी। उन्हें जिला मुख्यालय, तहसील और ब्लाक के चक्कर लगाने नहीं पड़ेंगे।
लोकवाणी के तहत भी हैं जन सेवा केंद्र
जिले में पहले से जन सेवा केंद्रों की सेवा दे रही लोकवाणी के भी 93 केंद्र हैं। इनमें कुछ बंद हो चुके हैं। इसके अलावा वयंटेक की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में 340 जन सेवा केंद्रों में से कुछ बंद हो गए हैं। अब सभी ग्राम पंचायतों में वयंटेक के माध्यम से जन सेवा केंद्र स्थापित कर दिए जाएंगे।
जन सेवा केंद्र की प्रमुख सेवाएं
जाति, आय, मूल, खतौनी, पेंशन, अनुदान, पारिवारिक लाभ, जन्म, मृत्यु प्रमाण, रोजगार पंजीयन, बिजली बिल, टैक्स, पेनकार्ड आदि 116 सुविधाएं अपने गांव में ही मिल सकेंगी।
ईडीएम ई-गवनेऱ्र्नेंस धर्मेंद्र यादव का कहना है कि नए जीओ के अनुसार जन सेवा केंद्रों के माध्यम से हर गांव में जन सेवा की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी आवेदकों को जन सेवा केंद्रों की स्वीकृति करेंगे और वयंटेक संस्था इन केंद्रों की स्थापना में सहयोग करेगी।