यूपी बोर्ड अंतर्गत होने वाली हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन कराने के लिए डीआईओएस की ओर से नया फरमान जारी कर दिया गया है। अब प्रमुख परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को विद्यालय के ऊपरी मंजिल पर न बैठाकर केंद्र व्यवस्थापक कक्ष के सामने या पास में बैठाया जाएगा।
पिछली बोर्ड परीक्षाओं में देखने में आया कि प्रमुख परीक्षाओं में केंद्र व्यवस्थापक बच्चों को विद्यालय के ऊपरी मंजिल पर बने कक्षों में बैठा दिया करते थे, जिससे केंद्र व्यवस्थापक पर परीक्षा के दौरान नकल कराने के आरोप भी लगते रहे हैं। प्रमुख परीक्षाओं में ऊपरी मंजिल पर बैठकर परीक्षा देने वाले सभी छात्र-छात्राओं को अध्यापकों द्वारा सहायता देने की मंशा से ही केंद्र व्यवस्थापकों द्वारा ऐसा करा जाता रहा है, क्योंकि जब भी सचल दल इन परीक्षाओं में छापामारी को पहुंचता है, तो छात्रों को सावधान होने का पूरा मौका मिल जाता है। इस बारे में डीआईओएस को सचल दल द्वारा भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। इसलिए इस वर्ष जिले में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन कराने के लिए डीआईओएस वीना यादव ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को इस संबंध में फरमान जारी कर दिया है। इसके अनुसार अब गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और अंग्रेजी जैसी विषयों की परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को केंद्र व्यवस्थापक कक्ष के पास या सामने बैठाया जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक वीना यादव का कहना है कि गत वर्ष इस तरह की शिकायतें मिली थीं इसलिए इस सत्र में सभी केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षार्थियों को अपने कक्ष के पास या सामने बैठाने के आदेश दिए गए हैं। यदि किसी भी परीक्षा केंद्र में प्रमुख परीक्षा में बच्चे ऊपरी मंजिल पर बैठे पाए गए, तो उस परीक्षा केंद्र को डिबार घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी।