बदायूं में बृहस्पतिवार को प्राइवेट बस यूनियन ने डग्गामार वाहनों के विरोध में 200 बसों का संचालन बंद कर दिया। यूनियन के पदाधिकारी अनशन पर बैठ गए। उनका आरोप था कि पुलिस की शह पर डग्गामार वाहन चल रहे हैं। 15 किलोमीटर के परमिट वाले टेंपो लंबी दूरी तक चल रहे हैं, जिससे बस संचालकों को नुकसान हो रहा है।
बदायूं में डग्गामार वाहनों के संचालन के विरोध में प्राइवेट बस यूनियन ने बृहस्पतिवार को जिले में 200 बसों का संचालन बंद कर दिया। यूनियन पदाधिकारियों और बस संचालकों ने भामाशाह चौराहे पर धरना किया। वहीं, यूनियन के जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह आमरण अनशन पर बैठ गए। बसों का संचालन बंद होने से छोटे रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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यूनियन पदाधिकारियों का आरोप है कि पुलिस की शह पर डग्गामार वाहन चल रहे हैं। जिन टेंपो के परमिट 15 किलोमीटर की परिधि के लिए हैं, उन्हें लंबी दूरी तक संचालित किया जा रहा है। इससे प्राइवेट बस संचालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायत की गई, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। जिले में करीब 200 प्राइवेट बसों का संचालन प्रभावित हुआ है। ये बसें बदायूं से बिल्सी-इस्लामनगर, उसहैत-डहरपुर, उसावां-दातागंज, अवाला, बरेली, कादरचौक और सहसवान समेत कई मार्गों पर चलती हैं।
यूनियन के मुताबिक, डग्गामार वाहनों की वजह से बदायूं-कादरचौक और बदायूं-सहसवान मार्ग पर बसों का संचालन बंद होने की स्थिति बन गई है। बदायूं-बरेली मार्ग पर भी असर पड़ा है। यूनियन जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, बसों का संचालन शुरू नहीं किया जाएगा। उन्होंने समस्या का समाधान होने तक आमरण अनशन जारी रखने की बात कही।