एआरटीओ कार्यालय के बाहर खड़े निजी बस संचालक
- फोटो : संवाद
बदायूं-उसावां और बदायूं-उसहैत मार्ग पर चल रही रोडवेज बसों, टेंपो, वैन व अन्य डग्गामार वाहनों के संचालन के खिलाफ सोमवार को निजी बस संचालकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष ओमकार सिंह के नेतृत्व में बस मालिकों और स्टाफ ने एआरटीओ कार्यालय पहुंचकर एआरटीओ प्रशासन रामवचन गुप्ता और पीटीओ अभिनव चौधरी को ज्ञापन सौंपा। अवैध बसों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
इससे पहले निजी बस स्टैंड पर बदायूं-उसावां और बदायूं-उसहैत रूट के बस ऑपरेटरों की बैठक यूनियन अध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें बस मालिकों ने आरोप लगाया कि बीते 29 अगस्त को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को पत्र भेजकर यह स्पष्ट किया था कि उक्त रूटों पर केवल आठ बसों को ही संचालन की अनुमति दी गई है। इसके बावजूद इन मार्गों पर बाहर के डिपो की दर्जनों बसें गलत तरीके से संचालित की जा रही हैं।
बस मालिकों को हो रहा नुकसान
बस संचालकों ने कहा कि शिकायत के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे अधिकृत बस मालिकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना अनुमति चलने वाली बसें न केवल नियमों का उल्लंघन कर रही हैं, बल्कि परिवहन विभाग की राजस्व हानि भी कर रही हैं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान एआरटीओ प्रशासन ने यूनियन प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि अवैध रूप से संचालित बसों की सूची उपलब्ध कराई जाए, तो विभाग निश्चित रूप से कार्रवाई करेगा। इस पर यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि दो दिन के भीतर सभी अवैध बसों की सूची विभाग को सौंप दी जाएगी। इस मौके पर मिंटू गुप्ता, सुकेंद्र सिंह, वाजिद अली, भारत गुप्ता, रामू गुप्ता, शराफत हुसैन, हसन खान, श्याम कुमार सिंह, विनोद कुमार, फन्ने, त्रिवेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।