बरेली। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना पर निजी बैंकों की अनदेखी भारी पड़ रही है। बैंकों को पास पहुंचने वाले आवेदन बिना किसी ठोस कारण के रद्द किए जा रहे हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान ने इस पर नाराजगी जताई। अर्बन हाट में शनिवार को आयोजित बरेली, आगरा, अलीगढ़ मंडल की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि अगर निजी बैंक सरकारी योजना में रूचि नहीं ले रहे हैं तो उनकी शाखाओं से सरकारी खातों को हटा लिया जाए।
एक निजी बैंक के मैनेजर ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि आवेदक दूसरी जगह काम कर रहे हैं। इस वजह से फॉर्म रद्द किए जा रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने इसे निराधार बताया। आगरा मंडल के संयुक्त आयुक्त ने बताया कि फिरोजाबाद में एसबीआई और मथुरा में केनरा बैंक व बैंक ऑफ इंडिया लक्ष्य से काफी पीछे हैं। अलीगढ़ मंडल में एटा के एक्सिस बैंक और ग्रामीण बैंक की ओर से सहयोग नहीं किए जाने की बात सामने आई। बरेली मंडल की समीक्षा में पीलीभीत की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। वहां एसबीआई, पंजाब एंड सिंध और बीओबी जैसे बैंकों ने लक्ष्य पूर्ण नहीं किया है।
दोबारा बैंकों को भेजें निरस्त किए आवेदन
कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्वीकृत आवेदनों को दोबारा बैंकों को भेजें और बैंक उन पर पुनर्विचार करें। उन्होंने सभी बैंकर्स को 25 मार्च तक ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया को शत-प्रतिशत पूर्ण करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी गारंटी पर युवाओं को उद्योग लगाने के लिए पांच लाख रुपये का ऋण दे रही है। जब सरकार खुद ही गारंटी ले रही है तो लोन की रकम क्यों नहीं बांटी जा रही है? इस बार बैंक अधिकारी बगले झांकते नजर आए।
ये है बरेली जिले की स्थिति
लक्ष्य : 2700
योजना के तहत आए आवेदन : 6907
बैंक तक पहुंचे आवेदन : 6180
बैंक से स्वीकृत : 2608
ऋण वितरित : 2617