ककोड़ा मेला में सिरकी पाल से बनाई जा रही बाउंड्री। संवाद
कादरचौक। परंपरागत मेला ककोड़ा के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। दिवाली के कारण शाम को काम नहीं हो सका, लेकिन इससे पहले कोतवाली, डाकघर व अस्पताल के लिए प्लॉट काटे गए। इन प्लॉटों में चहारदीवारी लगाई जाने लगी है। सिरकी-पाल से प्लॉटों की बाउंड्री होने लगी है। मेला में रात को कामगारों के लिए रोशनी के लिए छोटा जेनरेटर लगा दिया गया है। इसी में कामगार अपना सामान सजा रहे हैं।
मेला में खेल-तमाशे के लिए काम कर रहे लोगों को इसकी रोशनी में काम करने में सुविधा मिल रही है। रविवार को दिन में मेला का काम चला, शाम को बंद रहा। दीपावली की छुट्टी के कारण मंगलवार से मेला का काम फिर से गति पकड़ लेगा। मेला क्षेत्र में बनाई गईं सड़कें पशुओं के चरने से खराब हो रहीं हैं।
सैकड़ों पशु आसपास के गांव के चरवाहे लेकर पहुंच जाते हैं। पुलिस की व्यवस्था न होने से चरवाहे सड़कों को खराब कर रहे हैं। मेला के आपातकालीन मार्ग पर कादरबाड़ी गांव में कीचड़ होने से वाहनों का संचालन मुश्किल भरा है। इस मार्ग को मिट्टी डालकर ठीक किया जा सकता है।
सोमवार को टैंट का सामान भी मेला में पहुंच जाएगा। शाम तक मेला स्थल पर रहे जिला पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी भी मेला स्थल से लौट गए।