बदायूं। शिक्षा मंत्रालय की ओर से विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसके चलते परिषदीय विद्यालयों में बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में विभिन्न स्कूलों में एसएमसी की बैठक आयोजित कर नवीन शैक्षिक सत्र की तैयारियों और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि बैठक में प्रधानाध्यापकों ने अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों को नई गाइडलाइन की जानकारी दी। बताया गया कि एसएमसी का उद्देश्य विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षिक माहौल मिल सके।
समिति विद्यालय की व्यवस्थाओं की निगरानी करने के साथ-साथ बच्चों की उपस्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी नजर रखेगी। अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विद्यालय में एसएमसी का गठन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। समिति में अभिभावकों की भागीदारी सबसे अधिक रहेगी, ताकि बच्चों की पढ़ाई से जुड़े निर्णयों में उनकी भूमिका हो सके। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों को भी समिति में शामिल किया जाएगा।
बैठक में नवीन सत्र में नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट बच्चों को वापस स्कूल लाने, मिड-डे मील व्यवस्था, पुस्तक वितरण और विद्यालय विकास योजना जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। वहीं बीएसए ने अभिभावकों से अपील की गई कि वे बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें। संवाद