बदायूं। माध्यमिक शिक्षा परिषद अब हिंदी के साथ-साथ संस्कृत के पाठ्यक्रम में भी बदलाव की तैयारी कर रहा है। इस बदलाव को कक्षा 6 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकों में लागू किया जाएगा। इसके लिए जनपद के 305 माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और प्रवक्ताओं को संस्कृत में प्रशिक्षण देने के लिए शिविर लगाए जाएंगे। ताकि वे नए पाठ्यक्रम को अच्छे से समझ कर बच्चों को प्रभावी ढंग से पढ़ा सकें
नए पाठ्यक्रम में काशी से जुड़े ऐतिहासिक धरोहरों और उनके अध्ययन के विषयों को तैयार कर फिर पाठ्यपुस्तकों में शामिल किया जाएगा। इससे न केवल भाषा के प्रति बच्चों की रुचि बढ़ेगी बल्कि उन्हें अपनी विरासत और संस्कृति को जानने का मौका भी मिलेगा।
बोर्ड परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए संस्थान की ओर से कक्षा 10वीं से 12वीं तक की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक प्रश्नबैंक भी तैयार होगा। इसका उपयोग भविष्य की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान किया जाएगा। इससे परीक्षा पैटर्न में एकरूपता आएगी और विद्यार्थियों को तैयारी में मदद भी मिलेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवेश कुमार ने बताया की हिंदी की तरह ही अब संस्कृत विषय की पाठ पुस्तकों में नए तथ्यों को शामिल करने को लेकर शिक्षक और प्रवक्ताओं को कार्यशाला में प्रशिक्षित किया जाएगा।