तीन महीने की गर्भवती थी विवाहिता
विवाहिता की मौत संदिग्ध हालत में हुई लेकिन यह किसी को पता नहीं था कि वह तीन महीने की गर्भवती भी थी। पोस्टमॉर्टम के दौरान उसके पेट से तीन महीने का भ्रूण निकला, जिसे डॉक्टर ने कर्मचारी से खिड़की से पीछे को फेंकवा दिया। यह देख मायके पक्ष के लोगों का पारा चढ़ गया। परिवार के लोग भ्रूण को उठाकर डॉक्टरों पर सांठ-गांठ करने का आरोप लगाकर पैनल से पोस्टमॉर्टम कराने की मांग पर अड़ गए।
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पोस्टमॉर्टम हाउस पर मायके पक्ष ने किया हंगामा
मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने सांठ-गांठ कर विवाहिता की फंदे से लटकने से मौत होना बताया। जबकि विवाहिता के शरीर पर बेल्टों से पीटने के निशान पाए गए हैं। पोस्टमॉर्टम में रिपोर्ट से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाकर मायके वालों ने हंगामा कर दिया।
डॉक्टर पर लगाया ससुराल वालों से मिलीभगत का आरोप
मायके पक्ष ने पोस्टमॉर्टम डयूटी पर आए डॉक्टर व कर्मचारियों पर ससुराल वालों से मिलकर हत्या को आत्महत्या दर्शाने का आरोप भी लगाया है। मायके पक्ष के लोगों ने उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।