बदायूं। ग्रामीण की गर्भवती पत्नी को एक कथित महिला चिकित्सक ने गलत दवा दे दी। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद भी महिला चिकित्सक ग्रामीण को बरगलाती रही और उसे चंदौसी के एक अस्पताल में भेज दिया। यहां ग्रामीण से इलाज के नाम से रुपये ऐंठ लिए गए लेकिन पीड़ित की पत्नी का ढंग से इलाज नहीं किया गया। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई। ग्रामीण ने इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों समेत पुलिस से की है।
उघैती थाना क्षेत्र के गांव सिद्घबरौलिया निवासी रामविलास पुत्र राम प्रसाद का कहना है कि उसकी पत्नी गर्भवती थी। किसी वजह से उसे रक्तस्राव शुरू हो गया तो उसने गांव की आशा को जानकारी दी। आशा ने उसे बिसौली की एक महिला चिकित्सक के पास भेज दिया। महिला डॉक्टर ने उसकी पत्नी को कोई दवा दी जिससे उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टर ने उसकी पत्नी का गर्भपात करा दिया। दो दिन बाद विगत 31 मई को उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई।
ग्रामीण का कहना है कि वह फिर डॉक्टर के पास गया तो उसने उसकी पत्नी को चन्दौसी के एक निजी अस्पताल में भेज दिया, जहां उससे खून चढ़ाने और इलाज के नाम पर तीस हजार रुपये ले लिए गए। उसने जैसे तैसे करके अस्पताल वालों को रुपये दिए, लेकिन उसकी पत्नी की हालत और ज्यादा बिगड़ गई है। शुक्रवार को रामविलास ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों समेत उघैती थानाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।