बदायूं/बिसौली। निजामुद्दीन शाहपुर गांव के गल्ला व्यापारी अवनीश गुप्ता के 18 वर्षीय पुत्र विवेक के फिरौती के लिए अपहरण कर हत्या के मामले के मुख्य आरोपी विशेष उर्फ बंपी के पिता सत्यपाल और भाई विकास को पुलिस ने मंगलवार रात छोड़ दिया। बुधवार सुबह जब लोगों को इसका पता लगा तो हंगामा हो गया। काफी संख्या में लोगों ने कोतवाली को घेर लिया। भीड़ और लोगों का आक्रोश देखकर पुलिस ने दोनों को फिर से हिरासत में ले लिया।
अवनीश गुप्ता के बेटे विवेक का कंकाल चार महीने के बाद 13 दिसंबर को गांव के ही विशेष उर्फ बंपी के घर में मिला था। बंपी ने फिरौती के लिए अपने रिश्ते के भतीजे अर्जुन और पत्नी सपना के साथ मिलकर अपहरण के बाद हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस ने बंपी को कर्नाटक के कोपल और अर्जुन को सुल्तानपुर से गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया यहां से जेल भेज दिया गया। इधर, रात में बंपी के पिता सत्यपाल और भाई विकास को पुलिस ने छोड़ दिया। बताते हैं कि छूटने के बाद मंगलवार रात में ही इन लोगों ने घर का सामान ढोना शुरू कर दिया। मुख्य आरोपी के परिवार वाले गांव छोड़कर चले जाना चाहते थे। सुबह होने पर इस बारे में अवनीश गुप्ता समेत वैश्य बिरादरी के अन्य लोगों को पता लगा तो उनमें गुस्सा दौड़ गया। तमाम लोग एकत्र होकर कोतवाली पहुंच गए। अवनीश गुप्ता का आरोप है कि उनके बेटे के अपहरण और हत्या में बंपी का पूरा परिवार शामिल है। मुख्य आरोपी के पिता और भाई को पुलिस ने गलत तरीके से छोड़ा है। अवनीश गुप्ता के साथ वैश्य समाज के लोगों के साथ कई व्यापारी भी कोतवाली पहुंचे। कोतवाली का घेराव कर इन लोगों ने नारेबाजी की। इसके बाद दबाव में आई पुलिस ने सत्यपाल और विकास को फिर से हिरासत में ले लिया। इंस्पेक्टर पंकज लवानिया का कहना है कि सत्यपाल और विकास अलग घरों में रहते हैं। घटना में इनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है। अब तक ऐसे तथ्य सामने नहीं आए हैं।
विवेक के पिता बोले-ऐसे तो मुझे भी होगा खतरा
- अवनीश गुप्ता का कहना है कि बेटे के हत्यारों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने के लिए उनको लंबी कानूनी जंग लड़नी होगी। पुलिस भी जानती है कि अपहरण और हत्याकांड में विशेष उर्फ बंपी का पूरा परिवार शामिल था, लेकिन रात में चोरी छिपे दोनों को पुलिस ने छोड़ दिया। इन दोनों को भी जेल भेजा जाना चाहिए। अगर दोनों बाहर घूमते हैं तो इससे उनके लिए भी खतरा पैदा होगा। इस संबंध में वह उच्चाधिकारियों से भी शिकायत करेंगे।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने भी जताया रोष
बिसौली। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने भी मुख्य आरोपी के पिता और भाई को छोड़े जाने का विरोध किया है। प्रांतीय सदस्य विनय कुमार गर्ग, नगर अध्यक्ष कृष्ण अवतार शर्मा, महामंत्री घनश्याम गुप्ता, कोषाध्यक्ष नरेंद्र दिवाकर, नगर मंत्री कुंवरपाल मौर्य और युवा नगर अध्यक्ष कपिल के संयुक्त हस्ताक्षर से उच्च अधिकारियों को भेजे गए पत्र में पीड़ित व्यापारी और उसके परिवार की सुरक्षा की मांग भी की गई है।