बदायूं। जिले में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह के समय चली तेज हवा और हल्की बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी। वहीं मौसम में ठंडक भी घोल दी। तापमान में गिरावट आने से लोगों को सुकून मिला और वातावरण सुहावना हो गया। हालांकि, इस राहत के साथ ही बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। शहर में करीब छह घंटे बिजली कटौती की गई
तेज हवा के कारण शहर और आसपास के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। सुबह के समय बिजली जाने से घरों में पानी की समस्या भी खड़ी हो गई, वहीं बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज भी प्रभावित हुए। शहर के जोगीपुरा, श्यामनगर, नेकपुर, प्रेम नगर, पाल नगर, न्यू आदर्श नगर, चित्रांश नगर, जलंधरी सराय, शिवपुरम और सम्राट अशोक नगर समेत कई मोहल्लों में सुबह से ही बिजली का संकट बना रहा। सुबह करीब छह बजे गई बिजली पूर्वाह्न 12 बजे के आसपास ही सुचारु हो सकी। इस दौरान बीच-बीच में ट्रिपिंग की समस्या भी बनी रही। जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई।
शहर की अनाज मंडी लोटनपुरा क्षेत्र में पेड़ की टहनी टूटकर बिजली लाइन पर गिर गई, जिससे आपूर्ति बाधित हो गई। विभागीय कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर फाॅल्ट को दुरुस्त करने का प्रयास किया, जिसके बाद धीरे-धीरे सप्लाई बहाल की जा सकी। एसडीओ अरविंद कुमार ने बताया कि बारिश में कुछ जगहों पर फाल्ट होने की वजह से आपूर्ति बाधित हुई थी, सूचना मिलने पर सभी जगह ठीक कराकर सप्लाई शुरू करवा दी गई।
तेज हवा-बारिश से गिरी गेहूं की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिल्सी/जगत। तेज हवा और हल्की बारिश का असर देहात क्षेत्रों में देखने को मिला। जिले के कई गांवों में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल तेज हवा के चलते गिर गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसल गिरने से उत्पादन घटने और दानों की गुणवत्ता खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
जगत, ओरछी, सहसवान, बिसौली क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा असर देखा गया। किसान नरेश कुमार, वीरेश सिंह का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल पककर तैयार है और कुछ स्थानों पर कटाई भी शुरू हो चुकी थी। ऐसे में अचानक बदले मौसम ने मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है। खेतों में गिरी फसल को दोबारा खड़ा करना संभव नहीं होता, जिससे कटाई में भी अधिक समय और लागत लगती है। किसानों ने बताया कि फसल गिरने से दानों में नमी बढ़ सकती है, जिससे अनाज खराब होने और मंडी में कम दाम मिलने की संभावना रहती है। वहीं, लगातार बादल और नमी बनी रहने पर फसल सड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।
ओलावृष्टि से होगा फसलों को काफी नुकसान
कृषि वैज्ञानिक संजय कुमार ने बताया कि तेज हवा चलने से कुछ जगहों पर गेहूं की फसल गिर गई है। वहीं सरसों की कटाई में समय बढ़ जाएगा। इसके अलावा सब्जी फसल को इस बारिश से फायदा है। अगर ओलावृष्टि होती है, तो सभी फसलों को काफी नुकसान होगा।