बदायूं। गर्मी के प्रकोप के बीच विद्युत कटौती ने भी लोगों की नींद में खलल डालना शुरू कर दिया है। ओवरलोडिंग के कारण रात में विद्युत कटौती शुरू कर दी गई है। रात में चल रही कटौती को लेकर उपभोक्ताओं में विद्युत निगम के उपभोक्ताओं के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है। उपभोक्ताओं को कहना है कि शाम ढलते ही विद्युत कटौती शुरू हो जाती है। इससे घरेलू कामकाज करने में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विद्युत निगम के गर्मी के मौसम में निर्बाध आपूर्ति देने के दावे खोखले साबित हो रहे है। ओवरलोडिंग की समस्या से निपटने के लिए ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता बढ़ाई गई थी। फिर भी शाम ढलने के बाद कटौती हो रही है। रात में घंटों विद्युत गुल रहने से शहरवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिन में चार घंटे की इमरजेंसी रोस्टिंग की गई। शहरी क्षेत्र में 22 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का रोस्टर बना हुआ है। अब रात में भी कटौती शुरू कर दी गई है। सोमवार देर रात शहर के आवास विकास, माल गोदाम रोड, स्टेशन रोड, मधुबन कॉलोनी, जवाहरपुरी, पाथिक चौक, जोगीपुरा समेत कई क्षेत्रों में रात के समय में विद्युत आपूर्ति लड़खड़ाई रही। माल गोदाम रोड निवासी सुरेश शर्मा ने बताया कि देर रात बिजली चली गई। कुछ देर तक इन्वर्टर से काम चला, लेकिन उसके बाद उसने भी काम करना बंद कर दिया। पूरी रात करवट इधर-उधर करते हुए निकल गया। लावेला निवासी अमित कुमार ने बताया कि छत में टहलकर रात बिताई है। सुबह चार बजे जाकर सोए हैं। सुबह छह बजे बिजली आपूर्ति की गई। इससे 20 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए। वहीं, विद्युत निगम के अधिकारियों ने इमरजेंसी रोस्टिंग की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
रात में नहीं उठता अधिकारी का फोन
बिजली न आने पर लोग बिजली निगम के अधिकारियों से फोन कर अपनी समस्या बताने के लिए फोन करते हैं, लेकिन वह फोन उठाते नहीं है। ऐसी स्थिति में लोगों को निराशा हाथ लगती है।
फैजगंज में अघोषित कटौती से रोष
फैजगंज बेहटा। कस्बा समेत आसपास के क्षेत्रों में दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक बिजली सप्लाई ठप होने से गर्मी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। अवर अभियंता अंबर सिंह ने बताया कि लाइन पर काम होने से सप्लाई बंद है। शाम तक बिजली सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। बिजली की अघोषित कटौती से उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है। हालांकि रात नौ बजे तक बिजली बहाल नहीं हुई थी।