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Budaun News: नहीं बढ़ा आलू का भाव, बाहरी मंडियों से कम हुई मांग

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उझानी मंडी में आलू की बोरियां। संवाद
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उझानी। सब्जियों का राजा आलू इन दिनों सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। मुनाफे की उम्मीद में व्यापारियों ने आलू का भंडारण कराया। किसानों ने सीधे शीतगृहों में आलू रखा। अब वह इसे कोल्ड स्टोर से निकालने लगे तो बाजार में करीब तीन सौ रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे किसान, व्यापारी और कोल्ड स्टोर मालिक परेशान हैं।
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आलू की कीमत में भारी गिरावट की मुख्य वजह हाइब्रिड किस्मों की बंपर पैदावार और गुणवत्ता का कमजोर होना बताया जा रहा है। खोदाई के समय आलू का थोक भाव आठ से नौ सौ रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि भंडारण के दौरान अच्छी किस्म के आलू (विशेषकर चिप्सोना और 1048) का भाव बारह सौ रुपये तक पहुंच गया था। किसानों और व्यापारियों को उम्मीद थी कि आगे चलकर थोक भाव में बढ़ोतरी होगी, इसी कारण दोनों ने बड़ी मात्रा में आलू का भंडारण किया।
कोल्ड स्टोरेज मालिक अनूप जैन के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में आलू की गुणवत्ता में लगातार गिरावट आई है। दिल्ली, आगरा, हल्द्वानी की मंडियों में क्षेत्र के आलू की मांग कम हो गई है। इस सप्ताह कोल्ड स्टोरेज से अच्छी गुणवत्ता का आलू निकाले जाने पर आठ–नौ सौ रुपये प्रति क्विंटल भाव भी नहीं मिल रहा है। भंडारण किराए और छंटाई का करीब 350 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त खर्च आता है। कोल्ड स्टोरेज से भंडारित आलू बाहर निकालना अब किसानों को घाटे का सौदा लगने लगा है, इसलिए वे केवल बीज के रूप में अपने आलू निकालने को तैयार हैं।
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सब्जियों की भरमार से मुनाफा प्रभावित
अप्रैल–मई में खोदाई के बाद खुला बाजार जून तक बिना कोल्ड स्टोरेज के आलू से भरा रहता है। जुलाई से कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी शुरू होती है, लेकिन इस बार बारिश के दिनों में हरी सब्जियों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रही। सब्जी व्यापारी अमर सिंह के अनुसार, यदि हरी सब्जियां बाजार में कम आतीं, तो आलू महंगा हो जाता, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ, जिससे मुनाफा कमाने का गणित बिगड़ गया। थोक बाजार में भारी गिरावट के बावजूद फुटकर बाजार में आलू की कीमत स्थिर बनी हुई है। भंडारण के समय आलू फुटकर में 50 रुपये में ढाई किलो उपलब्ध था, जो अब भी लगभग उसी कीमत पर बिक रहा है। गौतमपुरी के चंद्रपाल बताते हैं कि कोल्ड स्टोरेज से आलू लाने पर छंटाई करनी पड़ती है, जिसमें प्रति क्विंटल करीब 15 किलोग्राम आलू खराब निकलता है, इसी कारण फुटकर भाव अधिक है।
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