बदायूं/कादरचौक। भाजपा सरकार में भले ही भूमाफिया पर कार्रवाई के बड़े दावे किये जाते हों, मगर वास्तविकता यही है कि कई स्थानों पर इनके हौसले इतने बुलंद हैं कि उनके द्वारा किए गए कब्जे रुक नहीं पा रहे हैं। कादरचौक में भी यही स्थिति है। भूमाफिया ने ब्लॉक के कई गांवों में तालाब की जमीन पर कब्जा कर खेती करवा दी है। कई जगह माफिया इतने पर भी नहीं रुके तो उन्होंने कुछेक गांव में तालाब की जमीन पर पक्का निर्माण तक कर दिया है। हालांकि प्रशासन माफिया के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहा है, लेकिन अब तक प्रशासन ने इन माफिया पर कार्रवाई क्यों नहीं की, ये अपने आप में एक सवाल बना हुआ है।
कादरचौक ब्लॉक क्षेत्र के गांव में तालाबों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। इन पर भूमाफिया ने अपनी नजरें टिका दी हैं, जिसकी वजह से तालाबों पर लगातार कब्जा हो रहा है। ऐसे में ग्रामों में तालाबों के अस्तित्व खत्म होने की कगार पर हो गया है। अगर ये हालात बने रहे, तो आने वाले दो-चार सालों में गांव में तालाब पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे। ब्लॉक की ग्राम पंचायत निजामाबाद के अंतर्गत दो गांव आते हैं, जिसमें एक खुद निजामाबाद और दूसरा गांव बिचौला है। मौजूदा समय में इन गांव में एक-एक तालाब मौजूद है। जिनकी अधिकांश जगह पर भूमाफिया ने कब्जा कर लिया है। बिचौला गांव में करीब दो बीघा में तालाब था। इस पर डेढ़ बीघा जमीन पर भूमाफिया ने कब्जा कर पक्के आवास और दुकानों का निर्माण करा दिया है। इसको लेकर तोताराम, भोजराज, मुकेश, राधेश्याम, राजू, राज कुमार गुप्ता, रामभजन आदि ने इसको कब्जा मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री तक को पत्र भेज कर अवगत करा चुके हैं, लेकिन उन्हें कहीं से भी राहत नहीं मिली, बल्कि माफिया तालाब पर कब्जा और तेजी से करने लगे। ग्रामीणों के अनुसार तालाब की जमीन पर कुछ पक्के मकान बनकर खड़े हो गए हैं। यही हाल निजामाबाद का है। यहां पर भी दो बीघा तालाब है। जिस पर आधा बीघा में माफिया ने कब्जा कर खेती करनी शुरू कर दी है।
इस गांव से कोई भी शिकायत नहीं मिली है। गांव में तहसीलदार को भेजकर इसकी जांच कराई जाएगी। अगर किसी ने तालाब की जमीन पर कब्जा करके निर्माण करा लिया है, तो उसको गिराया जाएगा।
-पारस नाथ मौर्य, एसडीएम सदर