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अब तो नाम के बचे तालाब, पाटकर बना लिए गए मकान

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वजीरगंज। झील, तालाबों पर हो रहे कब्जों को हटवाने में जब प्रदेश सरकार नाकाम रही, तो इसमें कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। हाईकोर्ट ने प्रदेश के तालाबों से कब्जा हटाने के निर्देश दिए, लेकिन वजीरगंज नगर पंचायत के अधिकारी कोर्ट के आदेश को कोई तब्बजों नहीं दे रहे हैं, जिसकी वजह से नगर पंचायत क्षेत्र में आने वाले 10 तालाबों में आधे तालाब का अस्तित्व ही खो गया है। बाकी बचे हुए तालाबों पर लगातार अतिक्रमण चल रहा है।
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नवंबर माह में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश भर के तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराकर बहाल करने को लेकर आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि प्रदेश में 1951-52 के राजस्व अभिलेखों में दर्ज तालाबों से अतिक्रमण हटाकर उन पर दिए गए पट्टे समाप्त किए जाएं और तालाबों को पूर्व की स्थिति में बहाल किया जाए। वहीं कोर्ट ने जिला स्तर पर भी कमेटियां गठित करने के आदेश दिए थे, लेकिन वजीरगंज में संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते भू माफिया लगातार तालाबों पर अतिक्रमण कर निर्माण कर रहे हैं। अगर कोई इसकी शिकायत नगर पंचायत या लेखपाल आदि से करता है, तो भी भूमाफिया पर कार्रवाई नहीं होती। उल्टा इन अधिकारियों को भू माफिया से जेब गर्म करने का एक मौका मिल जाता है और बाद में मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
नगर पंचायत ने माना, तालाब पर है कब्जा
-एक व्यक्ति ने नगर पंचायत से आरटीआई के माध्यम से होली चौक वाले तालाब की स्थिति के बारे में जानकारी ली, तो नगर पंचायत की तरफ आरटीआई के जवाब में कहा गया कि होली चौक वाले तालाब पर 12 लोगों ने अवैैध कब्जा कर लिया है। लेकिन इन अतिक्रमणकारियों पर आज तक पंचायत की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। कार्रवाई के नाम पर छह लोगों को केवल नोटिस दिया गया है।
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नगर में कहां-कहां तालाबों पर अतिक्रमण हो रहा है, उसकी मैं स्वयं जांच करूंगा, साथ ही उच्चधिकारियों को भी इसके बारे में अवगत कराएंगे, ताकि जहां पर भी कब्जा हो, उसे जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जा सके।
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-शैलेंद्र यादव, ईओ, नगर पंचायत
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