रिटायर्ड डीजीपी बोले- नेताओं पर भी शिकंजा कसा जाए
सूबे के रिटायर्ड पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) महेश चंद्र द्विवेदी का कहना है कि नेताओं ने पुलिस का मनोबल तोड़ रखा है, इसलिए भी पुलिस स्वतंत्र होकर काम नहीं कर रही। हालांकि वह बोले- प्रदेश की पिछली सरकार में ऐसा खूब हुआ लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में कुछ बेहतरी की उम्मीद है, यह तभी संभव होगा, जब पुलिस का मनोबल तोड़ने का काम करने वाले नेताओं पर कार्रवाई हो। बोले- मुख्यमंत्री को कानून व्यवस्था में सुधार करने के लिए सबसे पहले पुलिस का मनोबल बढ़ाना चाहिए। अगर वह ऐसा कर पाए तो अपराधों पर काफी हद तक शिकंजा कसा जा सकेगा। अगर नेता अच्छे होंगे तो पुलिस भी बेहतर काम करेगी।
महेश चंद्र द्विवेदी गुरुवार को बदायूं में थे। वह मथुरा के जवाहर कांड में शहीद हुए डिप्टी एसपी मुकुल द्विवेदी की शुक्रवार को होने वाली पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि डीजीपी के चयन में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। सहारनपुर मामले में उन्होंने कहा कि वहां राजनीतिक लाभ के लिए माहौल खराब किया जा रहा है। मथुरा के जवाहबाग कांड पर उन्होंने कहा कि सब कुछ साफ हो चुका है कि तत्कालीन सत्ताधारी नेताओं की इस मामले में भूमिका सही नहीं थी और मथुरा के प्रशासनिक अधिकारी भी दबाव में थे।