बिल्सी। जैसे-जैसे वोट डालने का समय नजदीक आता जा रहा है चुनावी सरगर्मियां बढ़ती जा रहीं हैं। ऐसे में आधी आबादी का कहना है कि इस चुनाव में वे उसी प्रत्याशी को वोट देंगी जो महिला हितों को ध्यान में रखकर क्षेत्र में काम करे। महिलाओं का कहना है कि महंगाई दूर हो साथ ही रोजगार भी मिले।
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समाज के सभी लोग नारी को शक्ति स्वरूपा कहते हैं। इसके बावजूद नारी सुरक्षित नहीं है। इसके लिए समाज भी कहीं न कहीं दोषी है। आज इंटरनेट और मोबाइल की आभासी दुनिया से बाहर निकलने की जरूरत है। पुरुष, नारी को और नारी, पुरुष को सम्मान की दृष्टि से देखे। महिलाओं को बराबर सम्मान देने के लिए अब राजनीतिक दलों को भी सोचना होगा तभी उन्हें समाज में हर क्षेत्र में बराबर का हिस्सा मिल सकेगा।
-ममता शर्मा
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बिल्सी क्षेत्र में छात्राओं के लिए शिक्षा के पर्याप्त साधन आज भी नहीं है। इसके कारण साधन विहीन और गरीब छात्राएं शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। इसलिए इस बार जो भी विधायक बने उसे छात्राओं की शिक्षा के लिए प्रबल पहल करनी होगी तभी क्षेत्र में महिलाओं का स्तर ऊपर उठ सकेगा। क्योंकि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जो समाज के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाता है। इस बार महिलाएं उसी प्रत्याशी को अपना प्रतिनिधि चुनेंगी जो क्षेत्र में छात्राओं को शिक्षा के बेहतर साधन उपलब्ध कराएगा।
-संगीता शाक्य
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क्षेत्र के विकास के साथ-साथ महिलाओं को रोजगार के क्षेत्र में आगे लाने के लिए जागरूक होना होगा। आज पुरुषों की तुलना में महिलाएं सरकारी नौकरी में काफी कम है। इसका मुख्य कारण महिलाओं का राजनीतिक क्षेत्र में कम होना है। सरकार की ओर से जो भी योजनाएं बनती हैं उनमें पुरुषों की प्राथमिकता दी जाती है। इसलिए महिलाओं को उस प्रत्याशी को चुनना चाहिए जो उनके लिए समानता के अधिकार की बात करता हो।
- सपना पाल
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अच्छी शिक्षा होगी और रोजगार के साधन होंगे तभी विकास संभव है। अन्यथा वादे और दावे वाली सरकार से हम सभी का भविष्य अंधकारमय ही नजर आएगा। इस चुनाव में सभी को रोजगार को अहम मुद्दा बनाना होगा। साफ छवि वाले नेता को ही सदन में भेजने के लिए महिलाओं को इस बार अपनी अहम भूमिका निभानी होगी। पांच साल का समय काफी लंबा होता है। इसलिए महिलाओं को रोजगार के लिए आज से पहल शुरू करनी होगी। इससे महिलाएं सशक्त भी बन सकेंगी।
- ज्योति जैन