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तेज हुई जिपं सदस्यों की घेराबंदी, सेंधमारी में जुटे रणनीतिकार

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बदायूं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन के बाद अब सदस्यों की घेराबंदी पहले से तेज हो गई थी। हालांकि, दोनों पार्टियों के रणनीतिकार कई सदस्यों को नेेपाल, उत्तराखंड के रामनगर, मंसूरी और गुरुग्राम भेज चुके हैं। इसके बाद भी दोनों पार्टियां जरूरी आंकड़े से ज्यादा सदस्यों के समर्थन का दावा भी कर रही हैं। दूसरी ओर धनबल और बाहुबल के प्रभाव वाले इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग की संभावना भी बरकरार है।
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जिला पंचायत में कुल 51 सदस्य हैं। अध्यक्ष पद के लिए कम से कम 26 सदस्यों का समर्थन चाहिए। भाजपा के पास 17 सदस्य हैं। सुनीता शाक्य और मोहम्मद आजम के सपा में शामिल होने के बाद सपा के पास 14 सदस्य हो गए हैं। भाजपा को नौ और सपा को 12 सदस्यों की जरूरत है। बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. लाखन सिंह साफ कर चुके हैं कि उनकी पार्टी के छह सदस्य अपने मन के मुताबिक किसी प्रत्याशी का समर्थन कर सकते हैं। इसके अलावा 13 निर्दलीय और एक कांग्रेस का सदस्य है। सीधा मुकाबला भाजपा और सपा के बीच है। दोनों दलों के रणनीतिकार काफी सदस्यों को जिले से बाहर दूसरे ठिकानों पर पहुंचा चुके हैं। एकदूसरे के यहां सेंधमारी की कोशिश भी हो रही है। इस बीच दोनों पार्टियों की सेंधमारी रोकने के साथ क्रॉस वोटिंग को लेकर भी नींद उड़ी हुई है।
दरअसल, किसी प्रत्याशी का साथ देने का वादा करने के बाद भी कोई सदस्य तीन जुलाई को क्रॉस वोटिंग कर देता है तो चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। पहले भी ऐसा होता रहा है। फिलहाल दोनों दलों के रणनीतिकार किसी भी तरह से अपनी स्थिति मजबूत करने में लगे हुए हैं ताकि अगर क्रॉस वोटिंग भी हो तब भी नुकसान न हो सके।
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