फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों के प्रति तानाशाही रवैया अपना रही सरकार: ब्रह्मस्वरूप सागर

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। देश भर में कृषि संबंधी तीन विधेयकों को किसानों ने नकारते हुए प्रदर्शन कर रहे है पर मोदी, योगी सरकार गूंगी बहरी होकर किसानों का डेथ वारंट निकाल रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय आह्वान पर व उप्र कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिले के सभी ब्लॉकों पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ओमकार सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर धरना प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया।
विज्ञापन

मुख्यवक्ता उप्र कांग्रेस कमेटी महासचिव/ प्रभारी बरेली मंडल ब्रह्मस्वरूप सागर ने आरोप लगते हुए कहा कि भाजपा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समाप्त करने और कॉरपोरेट जगत को फायदा पहुंचाने के लिए दोनों कृषि विधेयक लेकर आयी है। उन्होंने कहा कि दोनों विधेयक किसानों की आत्मा पर चोट हैं, यह गलत तरीके से तैयार किए गए हैं, तथा गलत समय पर पेश किए गए हैं। प्रदेश में सपा और बसपा किसानों की हितैषी बनने का ढोंग रचती है। किसानों के विरूद्ध भाजपा की केंद्र प्रदेश सरकार साजिश रच रही है। देश को गुलामी की तरफ धकेलने को। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा कि देशभर में किसानों को रोकने के लिए भाजपा सरकार पुलिस बल का सहारा ले रही है। कही लाठी चार्ज, कही मुकदमें लिखा रही है। देशभर में कांग्रेस पार्टी किसानों की आवाज उठाते हुए इस बिल का विरोध कर रही है। इस मौके पर सोमेंद्र यादव, शफी अहमद, बाबू चौधरी, हरीश कश्यप, मुशर्रफ, वसीम क़ुरैशी, अरविंद यादव, ओमेंद्र पाल आदि मौजूद रहे।
शहर कांग्रेस कमेटी ने दिया धरना
शुक्रवार को शहर कांग्रेस कमेटी ने आंबेडकर पार्क में प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना दिया। उत्तर प्रदेश कमेटी के महासचिव एवं जिला प्रभारी ब्रह्मस्वरूप सागर ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के लिए जो बिल पास किया है। वह किसान और मजदूर विरोधी है। इसलिए कांग्रेस कमेटी ने ये धरना दिया है। शहर कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष असरार अहमद ने कहा कि इस सरकार में महिला, मजदूर, किसान सुरक्षित नहीं है। इस दौरान इकबाल हुसैन, हफीज, जमशेद, राममूर्ति, हृदेश, आशू, भगवान सिंह, सैय्यद गुलाम अब्बास आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें