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पूर्व विधायक सिनोद शाक्य ने ली भाजपा की सदस्यता

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सिनोद शाक्य को भाजपा की सदस्यता दिलाते सुनील बंसल और बीएल वर्मा। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। पूर्व विधायक सिनोद शाक्य ने शनिवार को लखनऊ में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने सिनोद शाक्य को भाजपा की सदस्यता दिलाई। सिनोद शाक्य एमएलसी चुनाव में सपा के प्रत्याशी थे, लेकिन उन्होंने ऐन मौके पर पर्चा वापस ले लिया था। इससे भाजपा प्रत्याशी वागीश पाठक का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया।
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लखनऊ में भाजपा कार्यालय पर सिनोद के भाजपा की सदस्यता लेने के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा, जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता समेत भाजपा के कई नेता मौजूद रहे। इनकी मौजूदगी में सिनोद शाक्य को पार्टी का पटका पहनाया गया। एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी वागीश पाठक के खिलाफ पर्चा वापस लेने के बाद से ही माना जा रहा था कि सिनोद शाक्य भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उनको कोई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। चर्चा है कि भाजपा सिनोद शाक्य या उनकी पत्नी सुनीता शाक्य को मौजूदा सांसद संघमित्रा मौर्य का विकल्प बनाने की तैयारी में है।
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लखनऊ में ये रहे मौजूद
सिनोद के भाजपा में शामिल होने पर महेश गुप्ता, विधायक हरीश शाक्य, पूर्व विधायक धर्मेंद्र शाक्य, अशोक भारतीय, गौरव गुप्ता, शारदेंदु पाठक, अजीत वैश्य, एमपी सिंह राजपूत, मीडिया प्रभारी आशीष शाक्य, पारस गुप्ता, अनुज माहेश्वरी आदि ने लखनऊ में उनका स्वागत किया। संवाद
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सिनोद को भाजपा में लाकर बीएल ने खामोशी से दिया जवाब
अमित सक्सेना
बदायूं। सिनोद शाक्य को भाजपा से जोड़ने का काम करने वाले केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री बीएल वर्मा और पार्टी हाईकमान के बीच हुई वार्ता के नतीजे आने वाले वक्त में देखने को मिल सकते हैं। सिनोद को लाकर उन्हीं की बिरादरी की मौजूदा सांसद संघमित्रा मौर्य को जवाब देने की तैयारी है।
बता दें कि कुछ दिनों पहले सांसद संघमित्रा ने फेसबुक लाइव में कहा था कि बदायूं में हर चुनाव में जो खेला हो रहा है, उसे वह चुनाव के बाद सार्वजनिक करेंगी। उन्होंने कहा था कि बदायूं की जनता ने उन्हें जिताकर संसद में भेजा है। वह उन नेताओं में से नहीं हैं, जो जीवन में बिना कोई चुनाव जीते कुछ लोगों की कृपा से ऐसे ही सदन में बड़े पदों पर पहुंच जाते हैं। उस वक्त माना जा रहा था कि संघमित्रा का यह कटाक्ष बीएल वर्मा के लिए है, जो संगठन की राजनीति के चलते राज्यसभा के रास्ते केंद्रीय मंत्री बन गए।
सोशल मीडिया पर संघमित्रा के ताने व बीएल वर्मा की चुप्पी को लेकर उस वक्त खूब चर्चा चली थीं। अब सिनोद भी स्वीकार रहे हैं कि बीएल वर्मा की वजह से उनकी भाजपा में आमद हुई है। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि सिनोद को लाकर संघमित्रा मौर्य का भ्रम दूर करने का काम वर्मा ने बिना शोरशराबे बखूबी कर दिया है।
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सिनोद शाक्य भाजपा में आ गए हैं। वह दो बार दातागंज क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। मौर्य-शाक्य समाज में उनकी अच्छी पैठ है। उनके आने से पार्टी को निश्चित ही मजबूती मिलेगी। उन्हें किस भूमिका में रखा जाएगा, यह हाईकमान के स्तर से ही तय होगा।
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- राजीव गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा
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