बदायूं। स्थानीय प्राधिकारी विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) पद के लिए नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन सोमवार को भाजपा से वागीश पाठक और सपा से सिनोद शाक्य ने नामांकन कराया। नामांकन के दौरान कलक्ट्रेट परिसर के आस-पास कड़े सुरक्षा बंदोबस्त रहे। प्रत्याशियों के साथ पार्टी के बड़े नेता भी पहुंचे। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी। इसके बाद 24 मार्च को नाम वापसी है। नौ अप्रैल को मतदान होगा। 2695 मतदाता मतदान करेंगे।
नामांकन के समय भाजपा और सपा दोनों खेमों ने ताकत दिखाने की पूरी कोशिश की। वागीश पाठक के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता, जिपं अध्यक्ष वर्षा यादव, विधायक महेश गुप्ता, हरीश शाक्य, राजीव कुमार सिंह, पूर्व जिपं अध्यक्ष पूनम यादव, पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव, पूर्व विधायक धर्मेंद्र शाक्य, चेयरमैन दीपमाला गोयल, सैनरा वैश्य आदि रहे।
सिनोद शाक्य के साथ पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव, पूर्व राज्यमंत्री ओमकार सिंह, विधायक आशुतोष मौर्य, विधायक ब्रजेश यादव, विधायक हिमांशु यादव, कैप्टन अर्जुन आदि नामांकन दाखिल कराने पहुंचे। इस दौरान कलक्ट्रेट परिसर और आस-पास कड़े सुरक्षा प्रबंध रहे।
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इस बार भाजपा काफी मजबूत
बदायूं एमएलसी सीट 2017 में बनवारी सिंह यादव के निधन के बाद से खाली थी। मामला कोर्ट में होने के कारण उप चुनाव भी नहीं हो सका था। ज्यादातर सपा के कब्जे में रही एमएलसी सीट पर इस बार भाजपा की भी स्थिति मजबूत है। भाजपा ने पूर्व विधायक प्रेम स्वरूप पाठक के बेटे उद्योगपति वागीश पाठक को मैदान में उतारा है, वहीं सपा ने दो बार विधायक रहे सिनोद शाक्य को प्रत्याशी बनाया है। पंचायत चुनाव में सिनोद शाक्य की पत्नी सुनीता शाक्य जिपं अध्यक्ष पद पर सपा प्रत्याशी के रूप में भाजपा की वर्षा यादव को टक्कर दे चुकी हैं। एमएलसी चुनने के लिए प्रधानों, बीडीसी सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों, सांसद और विधायक मतदान करेंगे। इनकी कुल संख्या 2695 है। जिले के 15 ब्लॉक प्रमुख पदों पर भाजपा का कब्जा है। सात नगर पालिका और 13 नगर पंचायतों में ज्यादातर में भाजपा के चेयरमैन हैं। बावजूद इसके सपा खेमा भी कमजोर नहीं है। ऐसे में वागीश और सिनोद के बीच एमएलसी पद पर कड़ा मुकाबला होने की पूरी उम्मीद है।
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वागीश पर 2.43 करोड़ की अचल संपत्ति, सिनोद भी करोड़ों के मालिक
बदायूं। भाजपा के एमएलसी पद के प्रत्याशी वागीश पाठक और सपा प्रत्याशी सिनोद शाक्य करोड़ों के मालिक हैं। वागीश पाठक के पास करीब 2.43 करोड़ उनकी पत्नी के पास 3.21 करोड़ की अचल संपत्ति है। कई कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी है। वागीश पाठक के पास करीब 11.5 करोड़ और उनकी पत्नी के पास 8.7 करोड़ की चल संपत्ति है। वागीश के पास नकद करीब एक लाख आठ हजार और उनकी पत्नी के पास 5.63 लाख रुपये हैं।
वागीश पाठक ने 1980 में रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से समाज शास्त्र में एमए की डिग्री ली है। वित्तीय संस्थाओं में उनके खातों में 10 और पत्नी के खातों में 4.79 लाख रुपये जमा हैं। सपा प्रत्याशी सिनोद शाक्य ने 1996 में यूपी बोर्ड से इंटर पास किया है। सिनोद शाक्य के पास 32.48 लाख की कार, 3.70 लाख कीमत की एक रायफल और एक रिवाल्वर है। उनके पास 9.50 लाख के जेवर हैं। उनकी पत्नी सुनीता शाक्य के पास 44.75 लाख रुपये के जेवर हैं। सिनोद के पास नकद 3.50 लाख और उनकी पत्नी के साथ 1.70 लाख हैं। सिनोद के पास 5.37 करोड़ और उनकी पत्नी के पास 33 लाख की अचल संपत्तियां हैं। दोनों प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल करते समय अपनी संपत्तियों का ब्योरा भी दिया है।
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प्रधान एकजुट होकर करेंगे मतदान
बदायूं। एमएलसी चुनाव को लेकर राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें एकजुट होकर मतदान करने का संकल्प किया गया।
बरेली मंडल उपाध्यक्ष / जिला प्रभारी मोहम्मद नजर व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार धारा के नेतृत्व में यूपीटी गेस्ट हॉउस में हुई बैठक में जिला, ब्लॉक कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद रहे।
जिला प्रभारी मोहम्मद नजर ने कहा कि एमएलसी चुनाव में संगठन को एकजुट होकर उस प्रत्याशी की मदद करनी है जो प्रधानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ सके और उनके उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठा सके। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की 36 सीटों पर चुनाव होना है। प्रदेश संगठन 25 मार्च को लखनऊ में बैठक में फैसला लेगा कि वह किस प्रत्याशी को समर्थन देगा। प्रदेश संगठन की बैठक के बाद में बदायूं में संगठन अपने समर्थन का फैसला लेगा। इस मौके पर केके भारद्वाज, डॉ. पंकज शर्मा, विशाल गुप्ता, विनोद कुमार सिंह, महमूद आलम, बाबर, कुंवरपाल कश्यप, सुरेश चंद्र, नरेश पाल सिंह, भुवनेश मौर्य, अनार सिंह यादव व मोहम्मद आरिफ आदि मौजूद रहे। संवाद
भाजपा नेताओं के साथ नामांकन कराने पहुंचे वागीश पाठक। संवाद- फोटो : BADAUN